भिवंडी में सड़कों के किनारे बने गैप बने हादसों की वजह

प्रशासन की उदासीनता से जनता में आक्रोश


रोजाना हो रही दुर्घटनाओं में दर्जनों घायल, कई लोगों की जा चुकी है जान

 भिवंडी। भिवंडी शहर में बारिश के बाद सड़कों के किनारे बने गहरे गैप अब जानलेवा साबित हो रहे हैं। डामर और आरसीसी सड़कों के बगल की मिट्टी बह जाने से बने इन गैपों के कारण रोजाना वाहन चालक फिसलकर गिर रहे हैं और गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद मनपा प्रशासन की उदासीनता से शहरवासियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

शहर की लगभग हर प्रमुख सड़क के किनारे यह समस्या देखने को मिल रही है। बारिश के दौरान सड़क के बगल की मिट्टी बह जाने से सड़क और किनारे के बीच गहरा अंतर बन गया है, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक संतुलन खो बैठते हैं। खासकर रात के समय यह गैप दिखाई न देने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ जाती है।

सोमवार 19 जनवरी की रात करीब 8 बजे अखिल भारतीय हिन्दी समाचार , हमारा महानगर, मंत्र भारत, मुंबई केसरी, आमची मुंबई आदि दैनिक हिन्दी व मराठी अखबारों के पत्रकार महेंद्र सरोज अपनी बाइक से पेट्रोल भरवाने बंजारपट्टी की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे एसटी स्टैंड के पास पहुंचे, सड़क किनारे बने गैप में बाइक का पहिया फंस गया और बाइक फिसल गई। हादसे में महेंद्र सरोज सड़क पर गिर पड़े, जिससे उनके सिर और आंख में गंभीर चोट आई। उन्होंने बताया कि गनीमत रही कि आंख की रोशनी बच गई, अन्यथा बड़ा नुकसान हो सकता था।

ऐसी घटनाएं शहर में रोजाना हो रही हैं। कुछ दिन पहले टेमघर पाड़ा इलाके के इंद्रलोक रेसिडेंसी में रहने वाला 20 वर्षीय राज रंजन सिंह अपने दोस्त के साथ बाइक से नाशिक हाईवे की ओर जा रहा था। कल्याण रोड स्थित साईबाबा मंदिर के सामने सड़क किनारे बने गैप में बाइक फिसलने से वह सड़क पर गिर गया और पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने उसे कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले बंजारपट्टी इलाके में भी सड़क किनारे बने गैप के कारण फिसलने के बाद कंटेनर की चपेट में आने से एक डॉक्टर की जान चली गई थी। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा समय पर ठोस कदम नहीं उठाए गए। इस संबंध में मनपा के शहर अभियंता जमील पटेल ने बताया कि बारिश के दौरान इन गैपों को भरना मुश्किल था, लेकिन अब पूरे शहर में सड़कों के किनारे बने गैप भरने का काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पांचों प्रभागों में अलग-अलग ठेकेदारों को यह काम सौंपा गया है और जल्द ही जनता को इस समस्या से राहत मिलेगी।

रिपोर्टर

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