माघ शुक्ल अष्टमी पर डालमियानगर में वार्षिक भंडारे का आयोजन, गुरु पूजा के महत्व पर दिया गया संदेश


संवाददाता पारसनाथ दुबे 


डेहरी ऑन सोन (रोहतास)। माघ शुक्ल पक्ष अष्टमी के पावन अवसर पर डालमियानगर स्थित मथुरापुर कॉलोनी हनुमान वाटिका 

में श्री पयहारी जी महाराज के शिष्य लाल जी बाबा के नेतृत्व में वार्षिक भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। भंडारे से पूर्व वैदिक विधि-विधान के साथ हवन-पूजन का कार्यक्रम संपन्न हुआ। हवन पूजा का अनुष्ठान अरवल स्थित कल्याणी कुटी धाम से पधारे वैदिक मित्रों के साथ पयहारी जी महाराज के परम शिष्य सुनील बाबा के द्वारा कराया गया। इस अवसर पर सुनील बाबा ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए गुरु पूजा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि गुरु पूजा का भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। गुरु केवल शिक्षक नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक होते हैं। गुरु अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं तथा शिष्य को सही और गलत की पहचान कराते हैं।

सुनील बाबा ने आगे कहा कि गुरु के सान्निध्य से शिष्य में अनुशासन, विनम्रता, सत्य और सेवा जैसे संस्कार विकसित होते हैं। गुरु अपने अनुभव और विवेक से शिष्य को जीवन की कठिन परिस्थितियों में सही मार्ग दिखाते हैं और आध्यात्मिक गुरु ईश्वर से जोड़ते हुए आत्मज्ञान की ओर अग्रसर करते हैं।

उन्होंने कहा कि गुरु पूजा कृतज्ञता और श्रद्धा का भाव सिखाती है। शास्त्रों में भी कहा गया है—

“गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वरः”

अर्थात गुरु को ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान माना गया है। संक्षेप में गुरु पूजा जीवन को सफल, सार्थक और संस्कारित बनाने की प्रेरणा देती है।

इस अवसर पर 

विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह उमाशंकर पासवान, अमित पासवान, मुख्य पार्षद प्रतिनिधि गुड्डू चंद्रवंशी,विजय पासवान,प्रभु दास, सुरेन्द्र दास, लाल जी महाराज, लव-कुश दास, नन्द कुमार बाबा, बिनोद बाबा, महेंद्र बाबा सहित पयहारी जी महाराज के अनेक शिष्य एवं बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।

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