कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्रा की मौत


रोहतास ।जिले के चेनारी थाना अंतर्गत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की एक छात्रा की मौत संदिग्ध स्थिति में हो गई।

 छात्रा की मौत के बाद वहां के खौफ जैसे हालात हैं।

 मृतक छात्रा कैमूर जिला के अधौरा थाना इलाके के बांध गांव की तिलकधारी सिंह की पुत्री इंदु कुमारी बताई गई। इंदू कुमारी कक्षा 6 की छात्रा थी।

 मृतक छात्रा इंदु कुमारी के पिता तिलकधारी सिंह ने बताया कि चार दिन पहले वह अपने पुत्री को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय खुरमाबाद चेनारी में पहुंचाया था। 2 साल से इस विद्यालय में इंदु कुमारी पठन-पाठन करती थी। लेकिन गुरुवार उसे सुबह सूचना मिली कि उसकी पुत्री इंदु की तबीयत खराब है। उसने बताया कि उसकी पुत्री को पहले से बीमारी नहीं थी ऐसे में यह जांच का विषय है। जिलाधिकारी उदिता सिंह एसपी रौशन कुमार के नेतृत्व में जांच टीम गठित किया गया है।

 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की वार्डन शमीमा अंजुम ने बताई की सुबह में छात्रा ने अपनी तबीयत खराब की जानकारी देते हुए वह क्लास नहीं गई ।लेकिन वह लंच अच्छा से की थी। कुछ देर के बाद उसे दस्त होने लगा और तबियत बिगड़ गई ।

जहां प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल सासाराम में उसकी मौत हो गई ।

छात्रा की मौत के बाद परिजनों में कोहराम है मचा हुआ है वहीं दूसरी ओर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में फिलहाल खौफ है।

 इधर छात्रा की मौत के बाद रोहतास प्रशासन पुलिस ने मेडिकल टीम के साथ ही एस एफ एल टीम इस मामले की जांच के लिए भेजा है।रोहतास एसपी रौशन कुमार ने कशिश न्यूज़ को बताया कि मामले के जांच के लिए एस एफ एल टीम को लगाया गया है। रोहतास जिला सीएस डॉक्टर मणिराज रंजन ने कशिश न्यूज़ को बताया कि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय खुरमाबाद चेनारी की इंदू कुमारी की संदिग्ध स्थिति में मौत हुई है। गठित टीम जांच पड़ताल में जुटी हुई है। फिलहाल उसकी पोस्टमार्टम की प्रक्रिया भी जारी है। कसूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में छात्रा की मौत के बाद प्रशासन पुलिस प्रत्येक बिंदुओं पर जांच पड़ताल जारी रखी है। जिला शिक्षा पदाधिकारी मदन राय के अलावा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी चेनारी राजेश सिंह भी मौजूद रहे। बहरहाल जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा की छात्रा की मौत कैसे हुई है।

 लेकिन फिलहाल मृतक छात्रा के पिता ने बताया की 2 साल से पहले वह अपने पुत्री इंदु कुमारी को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में नामांकन कराया था जहां चार दिन पहले वह घर से उसे स्वस्थ हालत में विद्यालय पहुंचाया था।

रोते बिलखते परिजन ने बताया कि कभी सोचा भी नहीं था कि जिस बच्ची को उड़ान भरने के लिए वह दिन-रात मेहनत कर रहा है आज इस उम्र की अंतिम पड़ाव के बीच उसे यह दिन देखने पड़ेंगे और यही कहकर उसके माता-पिता बिलख कर शव से लिपटकर अचेत हो जाते थे।

रिपोर्टर

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