51 वर्षों पुराने कच्छवाँ हाट में सुविधाओं का अभाव
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- Jun 17, 2026
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रोहतास। नासरीगंज प्रखंड स्थित कच्छवाँ हाट पिछले करीब 51 वर्षों से क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। सप्ताह में तीन दिन—सोमवार, बुधवार और शनिवार—लगने वाले इस हाट में आसपास के दर्जनों गांवों से किसान, सब्जी उत्पादक, मछली विक्रेता और छोटे कारोबारी पहुंचते हैं। यहां बड़ी मात्रा में सब्जी, फल, मछली, मीट तथा अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं की खरीद-बिक्री होती है।
इसके बावजूद बाजार आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार परिसर में लगातार बढ़ते अतिक्रमण और कुछ स्थानों पर किए गए स्थायी निर्माण के कारण किसानों और छोटे विक्रेताओं के लिए उपलब्ध जगह कम होती जा रही है। स्थिति यह है कि कई किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए स्टेट हाईवे-81 के किनारे, नालियों के ऊपर अथवा सड़क के किनारे दुकान लगानी पड़ रही है।
सड़क किनारे लगने वाली दुकानों के कारण बाजार के दिनों में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है। खरीदारों और विक्रेताओं की भीड़ के बीच दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वहीं बरसात के दिनों में समस्या और गंभीर हो जाती है, जब खुले में दुकान लगाने वाले किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय व्यापारियों और किसानों का कहना है कि दशकों पुराने इस हाट का विस्तार और विकास समय की मांग है। अतिक्रमण हटाकर बाजार को व्यवस्थित किया जाए तथा किसानों और दुकानदारों के लिए पर्याप्त स्थान, पेयजल, शौचालय, जल निकासी और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। ग्रामीणों का मानना है कि कच्छवाँ हाट केवल एक बाजार नहीं, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में इसके विकास और संरक्षण के लिए प्रशासन को गंभीर पहल करनी चाहिए, ताकि किसानों और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।


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