विश्व स्तनपान सप्ताह का समापन, नवजात को केवल मां का दूध पिलाने का दिया गया संदेश
- श्याम नारायण मौर्य, संवाददाता आजमगढ़
- Aug 08, 2026
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आजमगढ़। जिला महिला चिकित्सालय में विश्व स्तनपान सप्ताह के समापन अवसर पर शुक्रवार को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय कुमार सिंह ने अतिथियों, प्रतिभागियों, मरीजों, उनके परिजनों एवं मीडिया प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए किया।मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय कुमार सिंह ने कहा कि प्रत्येक नवजात शिशु के लिए मां का दूध ही सर्वोत्तम आहार है। उन्होंने कहा कि हर मां ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार की नैतिक जिम्मेदारी है कि जन्म के बाद शिशु को केवल मां का दूध ही पिलाया जाए। किसी भी परिस्थिति में जन्मघुट्टी, पाउडर का दूध अथवा किसी अन्य जानवर का दूध नहीं देना चाहिए। उन्होंने बताया कि मां के दूध में शिशु के संपूर्ण विकास के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व मौजूद होते हैं तथा जन्म के बाद पहले तीन दिनों में निकलने वाला गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) नवजात की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।कार्यक्रम के दौरान राजकीय एएनएम प्रशिक्षण केंद्र, आजमगढ़ की छात्राओं ने स्तनपान के महत्व पर आधारित भावनात्मक एवं ज्ञानवर्धक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को जागरूक किया। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमा शरण पाण्डेय ने भी स्तनपान के स्वास्थ्य लाभों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए माताओं से शिशु को छह माह तक केवल मां का दूध पिलाने का आह्वान किया।इस अवसर पर एएनएम प्रशिक्षण केंद्र की प्राचार्य प्रियंका यादव, मेट्रन दुर्गा देवी, शकुंतला यादव, छाया राय सहित बड़ी संख्या में नर्सिंग ऑफिसर, वरिष्ठ नर्सिंग ऑफिसर, मरीज एवं उनके तीमारदार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य माताओं एवं परिवारों में स्तनपान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य को बढ़ावा देना था।


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