कलेक्टर डॉ. मिश्रा के तीखे तेवर, सीएमएचओ कार्यालय की व्यवस्थाओं में लापरवाही पर तीन कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस
- राजेंद्र यादव, ब्यूरो चीफ, मध्यप्रदेश
- Oct 17, 2026
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राजगढ़ । जिले में स्वास्थ्य विभाग की प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने और शासकीय कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने शनिवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालयीन कार्यों में लापरवाही एवं अभिलेखों के संधारण में कमियां पाए जाने पर कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने कड़ा रुख अपनाते हुए तीन कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासकीय कार्यों में लापरवाही, अभिलेखों के रखरखाव में अनियमितता और दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण कर अभिलेखों के संधारण, कार्यालयीन प्रक्रियाओं और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को ही डॉ. शेख जलालुद्दीन को सीएमएचओ का प्रभार सौंपा गया था। इसके बाद कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने कार्यालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर कार्यप्रणाली में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
*लेखा एवं स्थापना शाखा में मिली कमियां, तीन कर्मचारियों को नोटिस
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. मिश्रा सबसे पहले लेखा शाखा पहुंचे। यहां सहायक ग्रेड-3 श्रीमती प्रभा देवड़ा द्वारा केस बुक अधूरी रखे जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और संबंधित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके बाद स्थापना शाखा के निरीक्षण में शाखा प्रभारी श्रीमती पूजा सोनी एवं श्रीमती सीमा परिहार के कार्यों से संबंधित अभिलेख अद्यतन नहीं पाए गए। इस पर कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने दोनों कर्मचारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने नवपदस्थ सीएमएचओ डॉ. शेख जलालुद्दीन को निर्देशित किया कि स्थापना शाखा से संबंधित समस्त पत्राचार नियमानुसार नोटशीट के माध्यम से प्रस्तुत किया जाए। साथ ही कार्यालय में पदस्थ सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का शाखावार विवरण तैयार किया जाए। इसमें प्रत्येक कर्मचारी के पदस्थापना संबंधी विवरण, वर्तमान पद तथा संबंधित पद पर कार्यरत रहने की अवधि का स्पष्ट उल्लेख सुनिश्चित किया जाए।
*एक सप्ताह में सुधार के निर्देश, दोबारा होगा औचक निरीक्षण*
कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने कार्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एक सप्ताह की समय-सीमा निर्धारित करते हुए स्पष्ट अल्टीमेटम दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी शाखाओं में लंबित कार्यों, अभिलेखों के संधारण और कार्यालयीन प्रक्रियाओं को निर्धारित समय-सीमा में व्यवस्थित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक सप्ताह बाद पुनः औचक निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान यदि व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं पाया गया अथवा कार्यों में लापरवाही सामने आई, तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
*शासकीय आवास खाली नहीं करने वालों से होगी किराया वसूली
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने अस्पताल परिसर स्थित शासकीय आवासों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि स्थानांतरित हो चुके अथवा मुख्यालय छोड़ चुके ऐसे कर्मचारी, जो अब भी शासकीय आवासों पर काबिज हैं, उनसे लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के प्रचलित नियमों एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार बकाया किराए की वसूली की कार्रवाई की जाए। साथ ही शासकीय आवासों के नियमानुसार उपयोग और उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने कहा कि शासकीय कार्यालयों में पारदर्शिता, अनुशासन और समयबद्ध कार्य निष्पादन प्रशासन की प्राथमिकता है। प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी से करें। कार्यालयीन व्यवस्थाओं में सुधार के लिए दिए गए निर्देशों का समय-सीमा में पालन सुनिश्चित किया जाए। लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।निरीक्षण के दौरान डॉ. मनीष चौहान एवं प्रभारी जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) श्री सुनील वर्मा उपस्थित रहे।


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