महापर्व छठ पूजा की तैयारियों को लेकर डीएम ने किया भलुनी धाम का निरीक्षण


रोहतास । लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन रोहतास द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी रोहतास श्री दीपक कुमार मिश्रा ने जिले के प्रमुख धार्मिक एवं आस्था के केंद्र भलुनी धाम पहुंचकर छठ घाट का स्थलीय निरीक्षण किया तथा छठ महापर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं एवं छठव्रतियों की सुविधा के लिए की जा रही तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ)एम स्टालिन, बिक्रमगंज अनुमंडल के अनुमंडल पदाधिकारी दिलीप कुमार,अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सिंधु शेखर,प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) कुलदीप कुमार विभूति, अंचलाधिकारी (सीओ) अरूण कुमार सिंह एवं बिक्रमगंज अनुमंडल के अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।जिलाधिकारी ने छठ घाट एवं उसके आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए संबंधित पदाधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि छठ महापर्व के दौरान भलुनी धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं छठव्रतियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो तथा पूजा-अर्चना के दौरान सुरक्षा एवं सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए।


घाटों की साफ-सफाई एवं स्वच्छता पर विशेष जोर


जिलाधिकारी ने छठ घाट एवं उसके आसपास के संपूर्ण परिसर की विशेष साफ-सफाई कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि घाटों पर जमा कचरा, गंदगी एवं अनावश्यक सामग्री को तत्काल हटाया जाए। घाट तक पहुंचने वाले मार्गों एवं संपर्क पथों की भी समुचित सफाई कराई जाए। छठव्रतियों एवं श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। पूजा के दौरान स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार सफाई कर्मियों की तैनाती की जाए।


घाट पर सुरक्षा एवं बैरिकेडिंग की व्यवस्था


जिलाधिकारी ने जलाशय एवं घाटों की भौतिक स्थिति का आकलन करते हुए जल की गहराई, फिसलन वाले स्थानों एवं संभावित खतरनाक स्थलों को चिह्नित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जहां पानी अधिक गहरा है अथवा किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका है, वहां पर्याप्त बैरिकेडिंग कराई जाए तथा खतरे की सूचना देने वाले संकेतक लगाए जाएं।छठव्रतियों एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत घाट पर सुरक्षित स्नान एवं अर्घ्य अर्पण के लिए आवश्यक प्रबंध करने का निर्देश दिया गया। किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति से निपटने के लिए गोताखोरों, आपदा मित्रों एवं आवश्यक बचाव दल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।


प्रकाश, पेयजल एवं मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता


जिलाधिकारी ने घाट परिसर एवं वहां तक पहुंचने वाले रास्तों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि संध्या अर्घ्य एवं प्रातःकालीन अर्घ्य के दौरान श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो।उन्होंने पेयजल, अस्थायी शौचालय, महिलाओं एवं पुरुषों के लिए आवश्यक सुविधाओं तथा प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही घाट परिसर में आवश्यकतानुसार सहायता केंद्र एवं नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था करने का निर्देश दिया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।


विधि-व्यवस्था एवं यातायात प्रबंधन को लेकर निर्देश


जिलाधिकारी ने अनुमंडल एवं पुलिस प्रशासन को आपसी समन्वय स्थापित कर छठ महापर्व के दौरान विधि-व्यवस्था संधारण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए यातायात प्रबंधन की समुचित योजना तैयार की जाए। वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थल, पैदल यात्रियों के लिए सुगम मार्ग तथा भीड़ नियंत्रण के आवश्यक उपाय किए जाएं।घाट पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारियों एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। साथ ही भीड़ प्रबंधन, महिलाओं एवं बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए आवश्यक व्यवस्था करने को कहा गया।


सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश


जिलाधिकारी ने उपस्थित जिला, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने विभाग से संबंधित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करें। सभी पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ घाट की तैयारियों की नियमित निगरानी करें तथा यह सुनिश्चित करें कि छठ महापर्व से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण हो जाएं।उन्होंने कहा कि छठ महापर्व बिहार की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपरा का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व लोक आस्था, पवित्रता, अनुशासन, स्वच्छता एवं सामाजिक समरसता का प्रतीक है। इस अवसर पर छठव्रती पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा के साथ भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। ऐसे में जिला प्रशासन का दायित्व है कि सभी छठव्रतियों एवं श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि छठ महापर्व के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं सुगम आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित पदाधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता एवं तत्परता से निर्वहन करें, ताकि भलुनी धाम में लोक आस्था का महापर्व छठ शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो सके।

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