
युवा समाजसेवी राजीव कुमार सिंह ने क्षेत्रवासियों से किया अपील एक जून को अवश्य करे मतदान
- रामजी गुप्ता, सहायक संपादक बिहार
- May 31, 2024
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कैमूर।। जिले के रामगढ़ प्रखंड के युवा समाजसेवी राजीव कुमार सिंह उर्फ राजू सिंह ने क्षेत्रवासियों से किया अपील घर से निकल कर 1 जून को मतदान करे।भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। यहाँ की संघीय सरकार प्रत्येक पाँच वर्ष के अंतराल पर चुनाव के माध्यम से चुनी जाती है। देश का प्रत्येक नागरिक इस चुनावी महापर्व प्रक्रिया में अपना मतदान कर इसमें सीधे तौर पर भाग लेते हैं।
भारतीय संविधान के अनुसार देश में नियमित, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव आयोजित करने का अधिकार निर्वाचन आयोग को प्राप्त है। लोकसभा आम निर्वाचन 2024 के अंतर्गत अभी तक छह चरणों का चुनाव संपन्न हो चुका है अब सातवां और अंतिम चरण का चुनाव आगामी 1 जून को होने वाला है आप सभी से मैं राजीव कर सिंह उर्फ राजू सिंह ने क्षेत्रवासियों के मतदाताओं से गुजारिश करते हैं की जिनका भी 18 वर्ष हो चुका है और मतदाता सूची में नाम हो सभी मत का प्रयोग अवश्य करें।कल लोकसभा चुनाव के सातवें अंतिम चरण के सभी मतदाताओं से मेरा निवेदन है कि वह अधिक से अधिक संख्या में मतदान के लिए आगे आए । एक-एक वोट मायने रखता है और आपका वोट भी उतना ही महत्वपूर्ण है लोकतंत्र तभी फलता फूलता है और जीवंत दिखता है जब चुनाव प्रक्रिया में जनता जनार्दन की बढ़-चढ़कर भागीदारी होती है। इसलिए आप सभी युवाओं के साथ-साथ मताओ बहनों बुजुर्गों दिव्यांगजनों सभी से मेरा विशेष आग्रह है कि अपने मताधिकार का प्रयोग जरूर करें। लोकतंत्र की है पहचान , मत मतदाता और मतदान । देश तरक्की तभी करेगा हर वोटर जब वोट करेगा*(1)मतदान अवश्य करें,क्योंकि ,वर्ष 2008 में राजस्थान की नाथद्वारा सीट से सी. पी. जोशी मात्र एक वोट से चुनाव हार गय थे मजे़ की बात ये हे कि उनके ड्राइवर को वोट डालने का समय नहीं मिला ।
*(2)मतदान अवश्य करें* क्योंकि 1776 में अमेरिका में एक वोट ज्यादा मिलने से जर्मन भाषा के स्थान पर अंग्रेज़ी राजभाषा बनी ।*(3)मतदान अवश्य करें* क्योंकि *1998* में वाजपेयी सरकार मात्र एक वोट से गिर गयी थी। *(4)मतदान अवश्य करें* क्योंकि ,1917 में सरदार पटेल अहमदाबाद म्यूनसिपल कारपोरेशन का चुनाव मात्र एक वोट से हार गये थे ।*(5)मतदान अवश्य करें* ,क्योंकि ,1923 में एक वोट ज्यादा मिलने से हिटलर नाजी़ पार्टी का प्रमुख बना ओर हिटलर युग की शुरुआत हुई ।आमतौर पर मतदाता एक वोट की ताकत कम करके आंकते हैं और कई बार मतदान करने नहीं जाते हैं। हालांकि इतिहास में चुनावी पर्व में कई बार ऐसे मौके देखे गए, जब एक वोट ने उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला किया। इसलिए वोट देने अवश्य जाए।
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