
छपरा सिविल कोर्ट के अधिवक्ता पिता पुत्र की हत्या को लेकर अधिवक्ताओ का दिखा गुस्सा
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, ब्यूरो चीफ कैमूर
- Jun 17, 2024
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19 जून को ब्लैक रिबन एंड बैंड लगाकर जताएंगे विरोध
कैमूर भभुआ- 17 जून 2024 को जिलाअधिवक्ता संघ भभुआं कैमूर के पूर्व संयुक्त सचिव मंटू पाण्डेय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि बिहार के छपरा सारण सिविल कोर्ट के अधिवक्ता पिता राम अयोध्या प्रसाद यादव एवं पुत्र सुनील कुमार यादव का 12 जून 2024 को समय 6:30 बजे सुबह छपरा सिविल कोर्ट में काम करने जाने के दौरान कोर्ट से आधा किलोमीटर दूरी पर अपराधियों ने गोली से छलनी कर दिया था जिसमें पिता पुत्र अधिवक्ता दोनों की मृत्यु हो गई थी इस मामले को लेकर 16 जून 2024 को बिहार स्टेट बर काउंसिल पटना में बैठक की गई जिस बैठक के निर्णय के आलोक में बिहार स्टेट बर काउंसिल के सचिव प्रफुल्ल चंद द्विवेदी के पत्र के आलोक में पत्रांक 1339,16 जून 2024 के आलोक में बिहार के हर जिलाअधिवक्ता संघ एवं अनुमंडल अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष महासचिव को पत्र निर्यात किया गया है कि 19 जून 2024 दिन बुधवार को अधिवक्ता गण ब्लैक रिबन लगाकर और बैंड लगाकर बिहार सरकार एवं केंद्र सरकार का विरोध जताते हुए न्यायालय में काम करेंगे इसकी जानकारी जिलाअधिवक्ता संघ भभुआ कैमूर के अध्यक्ष रविंद्र नाथ चौबे ने दिया पूर्व संयुक्त सचिव मंटू पांडे ने बताया कि बिहार में आए दिन हो रही है हत्याएं न बिहार सरकार केंद्र सरकार अधिवक्ता सुरक्षा कानून अधिनियम आज तक लागू नहीं की है बिहार में सन 1998 ई से लेकर 12 जून सन 2024 तक बिहार में 85 अधिवक्ताओं की हत्या हुई है जिसमें नवंबर माह 2021 में भभुआ सिविल कोर्ट के अधिवक्ता रणविजय बहादुर सिंह की भी अपराधियों ने गोली मार का हत्या कर दिया था राजस्थान देश का पहला राज्य है जहां पर 21 मार्च 2023 को अधिवक्ता सुरक्षा कानून अधिनियम राज्य सरकार ने पास किया था भारत देश का दूसरा कर्नाटक ऐसा राज्य है जहां पर 11 दिसंबर 2023 को कर्नाटक विधानसभा में सर्वसम्मति से अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम पास किया गया था उसकी दिनांक 20 बार 2024 को कर्नाटक के राज्यपाल ने स्वीकृति दे दी है विशेष रूप से घोषणा के रूप में अनुच्छेद 16 और 17 अधिवक्ता के कामकाज केलिए स्पष्ट गारंटी कानून है अधिवक्ता सुरक्षा कानून संशोधन में यह पास किया गया है कि किसी भी अधिवक्ता को काम करते समय धमकी नहीं देना किसी भी केस को छोड़ने के लिए धमकी देना अधिवक्ता के ऊपर जानलेवा हमला करना इसमें कम से कम 7 साल का सजा करने का प्रावधान है मैं बिहार सरकार और केंद्र सरकार से मांग करता हूं आए दिन हो रहे अधिवक्ताओं की हत्या आए दिन हो रहे देवताओं पर हमले यह बहुत ही देश और राज्य के लिए शर्म सार करने वाली बात है बिहार सरकार और केंद्र सरकार त्वरित जल्द अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू करें जिससे अधिवक्ताओं का सुरक्षा हो सके।
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