लापता बिजनेसमैन देहरादून में मिले, आरपीएफ ने ट्रेन से उतरते समय पकड़ा !


रोहतास। जिले के डेहरी नगर थाना क्षेत्र के न्यू डिलिया मुहल्ला निवासी व्यवसायी मनीष कुमार सिंह, जो 29 अप्रैल की दोपहर से लापता थे, उन्हें देहरादून रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने ट्रेन से उतरते समय बरामद किया। परिजनों द्वारा गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के बाद, पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर यह सफलता पाई।


मुंबई मीटिंग के लिए निकले थे वाराणसी


परिजनों के अनुसार मनीष कुमार मुंबई में टाटा मोटर्स की एक मीटिंग में शामिल होने जा रहे थे। इसके लिए वह डेहरी से अपनी गाड़ी से वाराणसी निकले थे, जहाँ से उनकी फ्लाइट थी। लेकिन दोपहर में उनका मोबाइल बंद हो गया और शाम तक भी कोई संपर्क नहीं हुआ।


टेंगरा मोड़ पर मिली लावारिस गाड़ी


जांच के दौरान मोहनिया टोल प्लाजा से उन्हें वाराणसी की ओर गाड़ी चलाते देखा गया था। बाद में चंदौली जिले के टेंगरा मोड़ पर उनकी सफारी गाड़ी लावारिस हालत में मिली। मनीष के दोनों मोबाइल बंद थे, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई।


टाटा मोटर्स के कॉल से बढ़ी बेचैनी


मंगलवार की दोपहर करीब ढाई बजे टाटा मोटर्स के अधिकारियों ने मनीष के पिता विनोद सिंह से संपर्क कर यह जानकारी दी कि मनीष अब तक मीटिंग में नहीं पहुंचे हैं। इसके बाद परिजन किसी अनहोनी की आशंका से घबरा गए और स्थानीय पुलिस को सूचना दी।


सफल व्यवसायी परिवार में फैली चिंता


मनीष सिंह अकोढ़ीगोला प्रखंड के खपड़ा गांव निवासी विनोद सिंह के पुत्र हैं। उनका परिवार डेहरी में टाटा मोटर्स की एजेंसी, प्राइवेट स्कूल और सासाराम में होटल व्यवसाय से जुड़ा है। मनीष की अचानक गुमशुदगी से पूरे शहर में हड़कंप मच गया था।


वरीय अधिकारी मामले का खुद मॉनिटरिंग कर रहे थे 


इस मामले की मॉनिटरिंग डीआईजी और एसपी स्वयं कर रहे थे।  टीम गठित कर उन्हें यूपी भेजा गया था। 


पूछताछ के बाद सामने आएगा सच


एसपी रौशन कुमार ने बताया कि मनीष सिंह को देहरादून में ट्रेन से उतरते समय आरपीएफ ने रोका।

उन्हें डेहरी लाया जा रहा है। अब पूछताछ के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि यह मामला अपहरण का था या मनीष स्वयं से कहीं चले गए थे।

रिपोर्टर

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