पाकिस्तान समर्थक देश अज़रबैजान के दौरे पर गए भिवंडी के डॉक्टर ! शिवसेना ने उठाए सवाल
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Jun 21, 2025
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भिवंडी। भिवंडी के कुछ डॉक्टरों द्वारा हाल ही में किए गए अज़रबैजान दौरे को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। शिवसेना ने इस दौरे पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे देशहित के खिलाफ बताया है और ठाणे पुलिस से इसकी तात्कालिक जांच की मांग की है। शिवसेना भिवंडी शहर के सचिव महेंद्र कुंभारे ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि डॉक्टरों का यह दौरा संदिग्ध परिस्थितियों में हुआ है और इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है। कुंभारे के अनुसार, यह दौरा उस समय किया गया जब अज़रबैजान ने खुले तौर पर पाकिस्तान का समर्थन किया था। उन्होंने आशंका जताई कि यह यात्रा किसी विदेशी संगठन या संस्था द्वारा प्रायोजित हो सकती है, जिसकी जांच आवश्यक है। पत्र में कहा गया है कि इन डॉक्टरों और उनके संगठन के विदेश संपर्कों, आर्थिक स्रोतों, प्रायोजन और यात्रा के उद्देश्यों की विस्तार से जांच होनी चाहिए। साथ ही, महेंद्र कुंभारे ने कहा कि देश की सर्वोच्च डाॅक्टर संगठन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने अज़रबैजान सहित सभी प्रवासी योजनाए रद्द कर दी थी। ऐसे में भिवंडी के डाॅक्टर अज़रबैजान जाने की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए इसे संदिग्ध बताया है। शिवसेना नेता ने यह भी कहा कि अगर यह दौरा निजी था, तो भी इसकी पारदर्शिता और देश के संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय रिश्तों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सावधानी बरती जानी चाहिए थी।अब तक जिला प्रशासन या पुलिस विभाग की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, महेंद्र कुंभारे ने आग्रह किया है कि देश की आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस को त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करनी चाहिए। अपने पत्र में कुंभारे ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह मांग किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं की जा रही, बल्कि देशहित में की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि जांच पर किसी भी प्रकार का राजनीतिक दबाव न हो और पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो।भिवंडी के डॉक्टरों का अज़रबैजान दौरा अब सिर्फ एक यात्रा नहीं रह गया है, बल्कि यह एक संभावित राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दा बनता जा रहा है। देखना होगा कि प्रशासन और पुलिस इस मामले को किस गंभीरता से लेते हैं और क्या इसमें कोई बड़ा खुलासा होता है।


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