"प्रकृति सुरक्षित तो भविष्य सुरक्षित"
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- Jun 05, 2026
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रोहतास। जिले किशुनपुरा गांव निवासी वरिष्ठ साहित्यकार श्री सुनील कुमार रोहतास जिला संयोजक काशी काव्य संगम रोहतास ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बधाई देते हुए बताए कि प्रकृति ईश्वर द्वारा मानव जाति को दिया गया सबसे अनमोल उपहार है। यह धरती केवल हमारी नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों, पशु-पक्षियों और समस्त जीव-जगत की भी धरोहर है। पेड़, जल, हवा और मिट्टी हमारे जीवन के आधार हैं, लेकिन आधुनिक विकास की अंधी दौड़ में मनुष्य ने इन्हीं जीवनदायिनी शक्तियों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है।
बढ़ता प्रदूषण, पेड़ों की कटाई, जल संकट और बदलता मौसम हमें बार-बार चेतावनी दे रहा है कि यदि आज हमने प्रकृति की रक्षा नहीं की तो आने वाली पीढ़ियां हमें कभी क्षमा नहीं करेंगी। केवल बड़े-बड़े भाषणों और एक दिन पौधा लगाने से पर्यावरण नहीं बचेगा, बल्कि हमें अपनी जीवनशैली में बदलाव लाना होगा।
एक पेड़ केवल लकड़ी नहीं होता, वह किसी का आशियाना, किसी की सांस, किसी की छाया और आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन का आधार होता है। जिस प्रकार हम अपने परिवार की सुरक्षा करते हैं, उसी प्रकार धरती मां की सुरक्षा भी हमारा नैतिक कर्तव्य है।
आइए संकल्प लें—
हम अधिक से अधिक पौधे लगाएंगे, जल की प्रत्येक बूंद का सम्मान करेंगे, प्लास्टिक का कम उपयोग करेंगे, पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी रखेंगे और प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने का प्रयास करेंगे।
हमारी सनातन संस्कृति ने सदियों पहले ही वृक्षों, नदियों, पर्वतों और जीव-जंतुओं में ईश्वर का स्वरूप देखा है। पर्यावरण संरक्षण केवल आवश्यकता नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और मानवता की जिम्मेदारी है।
याद रखें—
"हमने यह धरती अपने पूर्वजों से विरासत में नहीं पाई है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों से उधार ली है।"
पेड़ लगाएं, जल बचाएं, प्रकृति बचाएं
क्योंकि धरती रहेगी, तभी जीवन रहेगा।


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