
वांरेटेड जेपी सेनानी पेंशन में जुड़ने की कर रहे हैं मांग
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- Jul 30, 2025
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रोहतास। जिले के जहां जेपी आंदोलन के समय कई सेनानियों ने बस चलकर हिस्सा लिया था! जिसमें कई सेनानी जेल भी गए हुए थे और कई सेनानियों ने भूमिगत है आपको बताते चले की बिगत 10 जुलाई। 1974 में जेपी आंदोलन के दौरान जो जेल गये थे, उन्हें बिहार सरकार जेपी सेनानी मानकर साढ़े सात हजार रूपये प्रतिमाह सम्मान राशि देती है। इस आंदोलन में ऐसे भी सेनानी थे जिनपर वारंट जारी हुआ था! और वे भूमिगत होकर आंदोलन को बढ़ावा दे रहे थे, लेकिन उन्हें यह सम्मान राशि नहीं मिलती है। और न हीं जिस तरह स्वतंत्रता सेनानी को सरकार के द्वारा दिए गए सुविधा मुहैया कराई जा रही है उसी तर्ज पर जेपी आंदोलन के भूमिगत सेनानियों ने राज्य सरकार सहित केंद्र सरकार से अपनी मांग कर रहे है ! हालांकि इस मामले को लेकर सम्मान राशि या अन्य सुविधाएं देने को लेकर बिहार विधानसभा में 17 मार्च 2025 को आवाज उठायी गयी थी। इस दौरान अजित कुमार सिंह के एक तारांकित प्रश्न के जवाब में सरकार के मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने स्पष्ट किया था कि जिन्होंने भूमिगत होकर जेपी आंदोलन में भाग लिया था, उन्हें सम्मान-राशि देने का कोई प्रावधान नहीं है। बाद भी इसके भूमिगत जेपी सेनानी सम्मान-राशि दिये जाने की माँग को लेकर सरकार से उम्मीद लगाये बैठे हैं। सासाराम में ऐसे कुल 16 सेनानी हैं, जो सम्मान-राशि को लेकर चिंतित हैं। इस संदर्भ में जेपी आंदोलन के भूमिगत सेनानी रहे हरदेव सिंह ने एक प्रेस-विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि हमसब सेनानियों की उम्र अब काफी हो चुकी है, कोई सहारा नहीं है। सरकार को इस पर गंभीरतापूर्वक विचार कर जेपी आंदोलन के भूमिगत सेनानियों को सम्मान-राशि दिये जाने का निर्णय लिया जाना चाहिए। हरदेव सिंह जैसे बिहार में बहुत सारे जेपी आंदोलन के भूमिगत सेनानी हैं, जो सरकार के आदेश की प्रतीक्षा में हैं जिन्दा हैं। सरकार को निश्चित रूप से ऐसे सेनानियों के प्रति विचार किया जाना चाहिए। आख़िर ये भी जेपी सेनानी ही तो हैं....... अब देखना यह होगा कि आखिर सरकार इन भूमिगत सैलानियों को क्या सुविधा मुहैया दिला पाएगी ! फिलहाल आने वाला वक्त ही बताएगा !
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