शिव मंदिर लगी भीड़


रोहतास ।भोले भंडारी सर्वाधिक दयालु हैं जो अपने भक्तों की थोड़ी-सी भक्ति से भी प्रसन्न हो जाते हैं। जबकि ऋषियों के गुरु माने जाने वाले भगवान शिव ज्ञान, ध्यान और योग के देवता वेदज्ञ भोलेनाथ की सरलता और दयालुता तीनों लोक में प्रसिद्ध है।  

शहर से लगभग पाँच किलोमीटर दक्षिण-पूरब माँ ताराचंडी धाम के समीप प्रकृति की गोद श्री बुढ़वा महादेव सोनवागढ़ का बहुत प्राचीन शिवलिंग है, जहाँ सावन महीने में नगर व आसपास के विभिन्न जाति समुदाय के लोग पूरी तन्मयता के साथ पहुँचते हैं।

सावन के अंतिम सोमवारी को यहाँ अहले सुबह 4 बजे से ही भक्तों द्वारा जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक का सिलसिला शुरू हुआ जो दिनभर अनवरत जारी रहा। सोमवार को दो दर्जन से अधिक परिवारों ने यहाँ रुद्राभिषेक किया।

यहाँ रौनियार समाज, पासी समाज, कुशवाहा समाज, माहुरी समाज, अग्रवाल समाज तथा केसरवानी समाज के दोनों वर्गों सहित बड़ी संख्या में लोगों नें पूजन अर्चन किया एवं प्रकृति की गोद में वनभोज का आनंद उठाया। 

श्री बुढ़वा महादेव सोनवागढ़ प्राचीन शिवमन्दिर न्यास समिति के अध्यक्ष प्रेमचंद सिंह मेहता, महामंत्री वरिष्ठ पत्रकार विजय कृष्ण अग्रवाल, उपाध्यक्ष दिनेश यादव, मंत्री कमलेश कुमार, कोषाध्यक्ष अखिलेश सिंह पप्पू जी, पुनीत कुमार सिंह वार्ड पार्षद उमाशंकर सिंह, डॉ0 सरोज कुमार बारी, विनोद चौरसिया, विकास कुमार आदि इस पुरातन शिव मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु प्रयत्नशील दिखे। वृद्धजनों के अनुसार देश में बहुत शिवलिंग है किन्तु यहाँ का शिवलिंग बहुत बड़ा और अद्भुत है। यहाँ के परिसर में प्रवेश करते ही पूरी थकावट चमत्कारिक रूप से दूर हो जाती है और एक नयी ऊर्जा तथा शांति की अनुभूति होती है, जहाँ निःसंदेह मनोवांछित फल पाया जा सकता है।

रिपोर्टर

संबंधित पोस्ट