किसानों के विरोध के बावजूद 300 मीटर धान की फसल रौंदी गई किसानों के जबरदस्त विरोध के बाद कैमूर प्रशासन ने काम रोका

संवाददाता अभिमन्यु सिंह की रिपोर्ट 

चांद (कैमूर)--  भारत माला परियोजना बनारस रांची टु कोलकाता एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य को लेकर किसान एवं प्रशासन आमने-सामने रहा। सुबह किसानों के विरोध के बीच प्रशासन ने पुलिस के सहयोग से 300 मीटर धान की फसल रौंदने में सफल रहा। शुक्रवार को दोपहर किसानों ने इकठ्ठा होकर काम को रोक दिया।अनुमण्डल पदाधिकारी भभुआ भू अर्जन पदाधिकारी कैमूर के द्वारा बहुत प्रयास के वावजूद किसानों ने भारत माला परियोजना में अधिग्रहित भूमि पर धान की फसल रौंदने के लिए जेसीबी मशीन नहीं चलाने दिया। दिन भर एक किसानों का जत्था खड़ा रहा दुसरी कैमूर प्रशासन भारी सुरक्षा बलों के साथ खड़ा रहा।दिन भर पुलिस एवं किसानों के बीच लुका छिपी का खेल चल रहा था। किसान अपनी धान की फसल बचाने के लिए पुरी तरह एकजूट थे। किसानों के तल्ख तेवर के बाद पुलिस हार मान गई और वापिस लौट गई। पुलिस और किसानों के बीच में कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने अनुमण्डल पदाधिकारी भभुआ एवं भू अर्जन पदाधिकारी कैमूर से वार्ता कर किसानों की फसल रौंदने पर रोक लगाने की मांग करते रहे ‌किसानों एवं प्रशासन की झड़प के बीच पुर्व मंत्री व्रज किशोर बिंद कांग्रेस नेता अशोक उपाध्याय एवं बहुजन समाज पार्टी के नेता धीरज कुमार सिंह किसानों एवं प्रशासन के बीच मध्यस्थता कराने की प्रयास करते देखे गए।अनुमण्डल पदाधिकारी मनोज कुमार एवं भू अर्जन पदाधिकारी संजीव कुमार सज्जन ने कहा हम कानून के हाथों से बंधे हैं। हमें पीएमओ एवं सीएमओ से के आदेश से बंधे हुए हैं। अनुमण्डल पदाधिकारी ने कहा काम नहीं रोक सकते जबतक ऊपर से आदेश नहीं आ जाता है। किसानों ने कहा हम अपनी मेहनत एवं लागत से लगाए गए धान की फसल को रौंदने नहीं देंगे। अनुमण्डल पदाधिकारी के आदेश से सात किसान नेताओं पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस के द्वारा दबिश दी जा रही है। चांद पुलिस ने रात्रि 2 बजे वैरी गांव के किसान अमित रंजन सिंह को उठा कर थाना ले आई। खबर आग की तरह फैलते ही सुबह सैकड़ों किसान थाना पहुंचकर अमित रंजन सिंह को छोड़ने की मांग करने लगे। पुलिस ने किसानों के दबाव के आगे झुकते हुए जमानत देकर अमित रंजन सिंह को छोड़ दिया। किसान चांद थाना पर जमे हुए थे तभी अनुमण्डल पदाधिकारी ने पुलिस बल के सहयोग से करवंदिया गांव में काम शुरू कर दिया। कुछ उपस्थित किसानों ने फसल बचाने का प्रयास किया। किसानों को पुलिस ने रोक दिया और 300 मीटर धान की फसल रौंदने में प्रशासन सफल हो गया। बाद में भारी संख्या में किसान किसान नेता पशुपति नाथ सिंह अनिल सिंह अभिमन्यु सिंह टुनटुन सिंह गज्जन सिंह के नेतृत्व में किसानों ने भारत माला परियोजना का काम रोक दिया। किसानों के विरोध को देखते हुए प्रशासन को वापस लौटने को मजबूर होना पड़ा। किसानों एवं कैमूर प्रशासन के बीच लुका छिपी का खेल 19 अगस्त से चल रहा है। किसानों का विरोध तल्ख होता जा रहा है। अभी तक किसान संयमित होकर विरोध कर रहे हैं किसानों ने अपना आपा खोया तो परिणाम भयावह हो सकता है।आज भूपेंद्र सिंह अरविंद सिंह पतियार राम राजु सिंह मंगल साह ठाकुर प्रसाद गोंड चंद्रजीत यादव आदि बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।


रिपोर्टर

संबंधित पोस्ट