आजमी नगर में पुरानी इमारत ढही, बड़ा हादसा टला
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Oct 25, 2025
- 432 views
40 साल पुरानी इमारत पहले ही घोषित थी जर्जर
भिवंडी । भिवंडी महानगरपालिका क्षेत्र के प्रभाग समिति क्रमांक 4 अंतर्गत आजमी नगर में शुक्रवार देर रात एक तल अधिक एक मंजिला जर्जर मकान भरभरा कर गिर पड़ा। सौभाग्य से किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, हालांकि मौके की स्थिति को देखते हुए बड़ा हादसा कभी भी हो सकता था।
गौरतलब हो कि घर नंबर 757/0, नविन गौरीपाडा स्थित यह इमारत पिछले चार दशकों से जर्जर हालत में खड़ी थी। मनपा प्रभाग समिति ने 31 मार्च 2023 को इस इमारत को असुरक्षित घोषित कर नोटिस जारी की थी। इसके बाद 24 फरवरी 2025 को दोबारा नोटिस भेजी गई, फिर भी घरमालक शहाबुल्ला-अजिमुल्ला ने कोई मरम्मत नहीं कराई। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इमारत को नगरसेवक के संरक्षण के कारण अब तक नहीं गिराया गया। देर रात 9:45 बजे इमारत का बड़ा हिस्सा ध्वस्त हुआ। पहली मंजिल पहले ही खाली कराई जा चुकी थी, जबकि भूतल पर चल रही किराना दुकान के संचालक को स्थानीय लोगों ने समय रहते बाहर निकाल लिया। आसपास अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने इधर-उधर दौड़ पड़े,घटना की जानकारी मिलते ही आपातकालीन प्रबंधक प्रमुख सार्किब खर्बे दमकल वाहन और बचाव दल के साथ मौके पर पहुँचे और जायजा लिया तथाJCB मशीन बुलाकर शेष जर्जर हिस्सों को भी गिराने की कार्रवाई जारी करवाया है। यहां सवाल यह भी खड़ा होता है कि घटना के समय शहर विकास नियंत्रण विभाग के प्रमुख अधिकारी समीर जावरे शहर में मौजूद रहने के बावजूद भी स्थल पर नहीं पहुँचे। सूत्र बताते हैं कि विभागीय अनुभव की कमी के कारण वे मनपा की कार्यप्रणाली समझने में असमर्थ हैं। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि विभाग कागज़ी कार्रवाई तक सीमित है, वरना इस खतरनाक ढांचे को पहले ही ध्वस्त किया जा सकता था।सहायक आयुक्त गिरीश घोष्टेकर ने बताया कि पहली मंजिल पूरा खाली था, लेकिन भूतल पर दुकान चालू रहने से जोखिम बरकरार था। उन्होंने कहा कि शहर में 30 से 40 साल पुरानी कई जर्जर इमारतें हैं, जिनका सर्वेक्षण कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय नगरसेवक वसीम अंसारी ने माना कि जनप्रतिनिधि कई बार कार्रवाई में बाधा बनते हैं, मगर मकान मालिकों का दायित्व है कि वे समय पर मरम्मत कराएँ। लापरवाही के कारण ही ऐसे हादसे सामने आते है। इस घटना से एक बार फिर प्रशासन की लापरवाही उजागर हुई है। नागरिकों की मांग है कि जर्जर इमारतों की तत्काल पहचान कर कठोर कदम उठाए जाएँ, ताकि अगली बार किस्मत किसी की जान के साथ खिलवाड़ न करे।


रिपोर्टर