बेकाबू कचरा डंपर से गायत्रीनगर में हड़कंप, कई वाहन क्षतिग्रस्त

ड्राइवर के पास लाइसेंस व गाड़ी का कागज़ नहीं


नागरिकों ने डंपर का कांच फोड़ा - ड्राइवर के पास लाइसेंस नहीं


भिवंडी। शहर के गायत्रीनगर रामनगर क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे डंपिंग ग्राउंड को लेकर पहले से नाराज स्थानीय नागरिकों में रविवार सुबह एक बार फिर आक्रोश भड़क उठा। बिना नंबर के एक कचरा डंपर का ब्रेक फेल हो गया और वह अनियंत्रित होकर सीधे रामनगर के रहिवासी परिसर में घुस गया। हादसे में सड़क किनारे खड़ी दोपहिया वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा। राहत की बात यह रही कि वहां मौजूद लोग समय रहते हट गए,जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई।स्थानीय नागरिकों ने मौके पर डंपर चालक को पकड़ लिया। पूछताछ में चालक ने अपना नाम बंसत गायकवाड़ बताया और यह भी स्वीकार किया कि वह बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन महेश शिरके नामक व्यक्ति के यहां चला रहा है। गाड़ी के दस्तावेजों के बारे में भी उसे कोई जानकारी नहीं थी। चालक के अनुसार वह पिछले तीन महीनों से यहां डंपर चला रहा है। निवासियों का कहना है कि डंपिंग ग्राउंड से निकलने वाला जहरीला धुआं और बदबू पहले ही लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बना हुआ है। मनपा ठेकेदारों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे अधिकांश डंपर व ट्रक कबाड़ हो चुके हैं, जिनसे सड़कों पर कचरा गिरता रहता है। यही नहीं, कई वाहन चालक बिना लाइसेंस के वाहन चला रहे हैं, जिसके कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। स्थानीय भीड़ ने डंपर का भी कांच फोड़कर अपना आक्रोश व्यक्त किया है। सूत्रों के अनुसार शहर में रोज लगभग 400 मीट्रिक टन कचरा निकलता है, जिसकी ढुलाई के लिए पांच ठेकेदारों के पास करीब 34 वाहन चल रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वाहन जर्जर हैं और प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। एक निवासी महिला ने कहा कि हर साल सात से आठ लोगों की मौत कचरा ढोने वाले डंपरों की वजह से हो जाती है। यह क्षेत्र अब असुरक्षित होता जा रहा है। नाराज नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो डंपिंग ग्राउंड बंद कराने के लिए आंदोलन शुरू किया जाएगा।

रिपोर्टर

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