भिवंडी में नसबंदी अभियान सुस्त, बढ़ते स्ट्रीट डॉग्स बने खतरा
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Dec 07, 2025
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11 महीनों में 10,140 लोग हुए डॉग बाइट का शिकार
भिवंडी। भिवंडी शहर में स्ट्रीट डॉग्स की नसबंदी का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है, जिसका सीधा असर आम नागरिकों की सुरक्षा पर पड़ रहा है। निजी ठेकेदार द्वारा अब तक केवल लगभग 40 प्रतिशत ही नसबंदी का काम किया जा सका है। नसबंदी और रैबीज टीकाकरण में देरी के कारण डॉग बाइट के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। हालात यह हैं कि जनवरी से नवंबर 2025 के बीच केवल 11 महीनों में 10,140 लोग स्ट्रीट डॉग्स के हमले का शिकार हो चुके हैं।.शहर के एकमात्र उप जिला अस्पताल स्व. इंदिरा गांधी मेमोरियल अस्पताल (आईजीएम) के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से नवंबर तक हर महीने सैकड़ों लोग डॉग बाइट का इलाज कराने पहुंचे। जनवरी में सबसे अधिक 1066 मामले दर्ज हुए, जबकि सितंबर में सबसे कम 661 मामले सामने आए। अकेले 28 नवंबर को एक ही दिन में 72 लोगों को स्ट्रीट डॉग्स ने काटा। इनमें सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक 32 और दोपहर 2 बजे के बाद शाम सवा 5 बजे तक 46 लोग शिकार बने। इनमें से 20 मामले केवल शांतिनगर क्षेत्र से थे, जिनमें अधिकांश बच्चे शामिल थे।
गौरतलब हो कि मनपा प्रशासन ने हैदराबाद स्थित सफिलगुड़ा की वेट्स सोसाइटी फॉर एनिमल वेलफेयर एंड रूरल डेवलपमेंट को पांच वर्ष के लिए नसबंदी और रैबीज टीकाकरण का ठेका दिया है। शहर में 13,500 स्ट्रीट डॉग्स की नसबंदी का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन 11 नवंबर 2024 से 30 नवंबर 2025 की अवधि में अब तक केवल 5,336 यानी महज 39.52 प्रतिशत डॉग्स की ही नसबंदी हो सकी है। इनमें 2,833 मेल और 2,503 फीमेल डॉग्स शामिल हैं। मनपा के विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, स्टाफ की भारी कमी के कारण नसबंदी का काम प्रभावित हो रहा है। हालात यह हैं कि मनपा मुख्यालय परिसर में भी करीब एक दर्जन स्ट्रीट डॉग्स खुलेआम घूमते देखे जा सकते हैं। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने नसबंदी और टीकाकरण अभियान को तेज करने की मांग की है।
आईजीएम उप जिला अस्पताल की चिकित्साधीक्षक डॉ. माधवी पंधारे ने बताया कि अस्पताल में रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध रहते हैं, लेकिन कभी-कभी एक साथ अधिक मरीज आने से अस्थायी रूप से इंजेक्शन की कमी हो जाती है। उन्होंने कहा कि 28 नवंबर को 72 डॉग बाइट के मामलों के कारण कुछ समय के लिए इंजेक्शन कम पड़े थे, लेकिन तुरंत आपूर्ति मंगवाकर सभी मरीजों का समय पर इलाज सुनिश्चित किया गया। नागरिकों की माने तो तेजी से बढ़ते डॉग बाइट के मामलों और सुस्त नसबंदी अभियान ने भिवंडी में नागरिकों की चिंता को और गहरा कर दिया है।
11 महीनों में डॉग बाइट के आंकड़े इस प्रकार हैं......
जनवरी --1,066
फरवरी-- 1,042
मार्च --1,104
अप्रैल --9,88
मई --1,000
जून --689
जुलाई-- 957
अगस्त --821
सितंबर --661
अक्टूबर --897
नवंबर -- 897
कुल 11 महीने --10,140


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