नेशनल लोक अदालत में आमजन व पक्षकारों द्वारा बढ़-चढ़कर अपने विवादों का निराकरण कराया


 राजगढ़ । वर्ष 2025 की अंतिम नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ कार्यक्रम जिला न्यायालय परिसर राजगढ़ स्थित ए.डी.आर. भवन के सभाकक्ष में विशेष न्यायाधीश एवं प्रभारी प्रधान जिला न्यायाधीश, जिला न्यायालय राजगढ़ श्रीमती निवेदिता मुद्गल की अध्यक्षता रखा गया। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में शुभारंभ कार्यक्रम में जिला न्यायालय राजगढ़ के प्रधान न्यायाधीश कुटंब न्यायालय, प्रथम एवं द्वितीय अपर जिला न्यायाधीश, व्यवहार न्यायाधीश एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक,  भी उपस्थित रहे। शुभारम्भ कार्यक्रम में अधिवक्ता संघ राजगढ़ के अध्यक्ष सहित सहयोगी अधिवक्ता, जिला अभियोजन अधिकारी, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम कार्यालय के समस्त डिफेंस काउंसिल, बैंक, नगरपालिका, विद्युत विभाग, बी.एस.एन.एल आदि विभागों के पदाधिकारी, जिला न्यायालय राजगढ़ से संबंद्ध समस्त अधिकारी, कर्मचारी आदि उपस्थित रहे। 

नेशनल लोक अदालत के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा नेशनल लोक अदालत को सर्वप्रिय आमजन व पक्षकार हितैशी प्रक्रिया बताते हुये यह व्यक्त किया गया कि नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकृत मामलों में पक्षकारों के संबंध मधुर बनते हैं व उनका जीवन सरल बनता है। साथ ही विषेश अतिथि  प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय, प्रथम जिला न्यायाधीश द्वारा समस्त विभागों से अधिक से अधिक संख्या में प्रकरणों का राजीनामा के माध्यम से निराकरण कराये जाने हेतु आह्वान किया गया, साथ ही उनके द्वारा यह अपील की गई कि, वे इस व्यवस्था से लंबित मामलों में सुलभ, सस्ता न्याय प्राप्त करने हेतु अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करें। इस कड़ी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा भी नेशनल लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

नेशनल लोक अदालत में पक्षकारों व आमजनों के न्यायालयों के लंबित राजीनामा योग्य एवं प्रिलिटिगेशन प्रकरणों के निराकरण हेतु जिला स्तर पर 09 एवं तहसील स्तर पर ब्यावरा में 07, नरसिंहगढ़ में 06, सारंगपुर में 07 एवं खिलचीपुर तथा जीरापुर में 02-02 साथ ही पुलिस परिवार परामर्श केन्द्र राजगढ़ में 01 खंडपीठों का गठन किया गया। इस प्रकार जिला एवं तहसील स्तर पर कुल 33 खंडपीठों का गठन किया गया है जिनके समक्ष न्यायालय में लंबित लगभग 1896 प्रकरण एवं प्रीलिटिगेशन के लगभग 4165 प्रकरण, इस प्रकार लंबित एवं प्रीलिटीगेशन के कुल 6061 प्रकरण निराकरण हेतु रखे गए। राजीनामा योग्य प्रकरणों में आपराधिक, लिखत परक्राम्य अधिनियम, बैंक ऋण वसूली, मोटर दुर्घटना दावा, श्रम विवाद, विद्युत बिल, जलकर, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण के मामले, सर्विस मैटर्स, उपभोक्ता विवाद, अन्य सिविल विवाद तथा अन्य प्रकार के विवादों को सम्मिलित किया गया।


 महत्वपूर्ण मामलों में लाभान्वित के विशेष विवाद

दो सगे भाईयों के विवाद में वर्षों पुराने लंबित विवाद हुआ निराकृत, वर्ष 2025 की चतुर्थ एवं अंतिम नेशनल लोक अदालत के दौरान दो सगे भाईयों के मध्य पनपे वर्षों पुराने विवाद में सुश्री अर्चना मर्सकोले, न्यायिक मजिस्ट्रेट राजगढ़ एवं सुलहकर्ता सदस्यों के द्वारा दोनों पक्षों को समझाईश देकर सुलझाया जाकर निराकरण कराया गया । चूंकि, दोनों भाईयों का विवाद आपसी पारिवारिक रंजिश के कारण हुआ, जिसमें कि छोटे भाई के द्वारा बड़े भाई के विरूद्ध पुलिस केस दर्ज कराया गया था, उससे पूर्व दोनों में मारपीट एवं झगड़ा भी हुआ था। मामला न्यायालय में पहुंचा किन्तु दोनों ही भाई मामले में सुलह करने हेतु तत्पर नहीं थे, इस कारण मामला 2022 से लंबित था। पीठासीन अधिकारी द्वारा नेशनल लोक अदालत  न्यायालय में बुलाया जाकर दोनों को गले मिलवाया गया व एक दूसरे का माला पहनवाई गईं।


देवर भाभी के विवाद में लंबित मामले में रजामंदी से मामले का निराकरण हुआ

ऐसा ही एक मामला जोकि देवर और भाभी के परिवार के मध्य था, जोकि दीर्घ अवधि से न्यायालय में संचालित था, दोनों ही परिवार आपसी सहमति से विवाद करने को तैयार नहीं हो रहे थे, किन्तु नेशनल लोक अदालत को पीठासीन अधिकारी के विषेश प्रयासों से दोनों में सहमति बनाई गई, तदोपरांत दोनों ही पक्षों ने अपना मामला लोक अदालत में निराकृत कराया।

धारा 498 दप्रस अंतर्गत अत्यंत 05 साल पुराने दहेज के मामले में हुई सुलह 

एक प्रकरण जोकि, न्यायालय श्री वीर सिंह धाकड़, न्यायिक मजिस्ट्रेट राजगढ़ में निराकृत हुआ। उक्त मामले में पति व उसके परिवार पर उसकी पत्नी द्वारा दहेज व मारपीट का प्रकरण कराया था जोकि विगत 05 वर्ष से न्यायालय में लंबित था, प्रकरण में पीठासीन अधिकारी द्वारा विषेश मेहनत कर दोनों पक्षों को मिलवाया गया। दोनों पक्षों द्वारा एक दूसरे को फूल माला पहनाकर सुखी दाम्पत्य जीवन बिताने का वादा किया।

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