धर्म से विमुख हो राष्ट्र की एकता अखंडता की परिकल्पना असंभव- स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Feb 24, 2026
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एकादश कुंडात्मक प्रारंभ श्री राम महायज्ञ में, राष्ट्र की एकता अखंडता बनाए रखने हेतु दिया गया संदेश
वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा सुप्रसिद्ध रामलीला एवं रासलीला का हो रहा प्रतिदिन मंचन
कैमूर-- जिला के कुदरा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत नेवरास पंचायत के इटही गांव में स्वामी रामदास जी महाराज के सानिध्य में प्रारंभ एकादश कुंडात्मक श्री राम महायज्ञ में, राष्ट्र की एकता अखंडता बनाए रखने हेतु दिया गया संदेश। काशी सुमेरु पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती के द्वारा श्री राम कथा में मां शबरी प्रसंग के मध्य संदेश देते हुए-श्रोताओं को बताया गया की भगवान भाव के भूखें है किसी सामग्री के नहीं।
धर्म से विमुख हो राष्ट्र की एकता अखंडता की परिकल्पना असंभव
कोई भी वर्ण किसी से ऊंच या नीच नहीं है, हमारे शरीर में ही चारों वर्ण विद्यमान है। शरीर के गले से उपर का भाग ब्राह्मण,बाजू सीना का भाग क्षत्रिय,पेट का भाग वैश्य तो कमर से नीचे का भाग क्षूद्र माना गया है। साथ ही जन जीवन को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए भी चारों वर्णों की सामान्य योगदान माना जाता है। ब्राह्मण, पंडित, ज्ञानी ब्रह्मांड सहित धरातल की भविष्य का अवलोकन को समर्पित, क्षत्रिय धर्म राष्ट्र सहित धरातल की रक्षा को समर्पित, वैश्य धर्म राष्ट्र सहित धरातल की जीविकोपार्जन को समर्पित,तो क्षूद्र राष्ट्र सहित धरातल की धर्म कर्तव्य के अनूरूप सेवा भाव को समर्पित। यदि कोई भी एक वर्ण ना हो तो जीवन सहित राष्ट्र व धरातल की परिकल्पना करना गलत होगा। सत्ता में बने रहने के लिए राष्ट्र के तथाकथित नेतृत्व कर्ताओं द्वारा वर्ण जाति के नाम पर कानून बनाकर लोगों को बांटने का कार्य किया जा रहा है जो राष्ट्र हित में नहीं है। वेद व धर्म शास्त्रों के अनुसार सन्तानोत्पत्ति में बाधक बनना महापाप है। आप अपनी जनसंख्या बढ़ाओ शास्त्रों में कई ऋषि महर्षि सहित महापुरुषों के अनेकों संतानों का उल्लेख है, पर कम से कम आप सभी को पांच-पांच बच्चे पैदा करना चाहिए, की मां पिता की सेवा, राष्ट्र की सेवा धरातल की सेवा, सहित धर्म की सेवा के लिए आपका संतान सम्मिलित हो, यदि आप बच्चों के लालन पालन में असमर्थ हैं तो हमें सौंप दें, हम धर्म व राष्ट्र की सेवा हेतु शिक्षित कर तत्पर करेंगे।
जहां जब जनसंख्या घटा, तब तब राष्ट्र बंटा
वही उनके द्वारा बीते हुए समय का अवलोकन करते हुए बताया गया कि वर्मा (म्यांमार), अफगानिस्तान, पाकिस्तान, भूटान, बांग्लादेश अखंड भारत का हिस्सा था पर इस्लामिक आक्रमणकारियों के द्वारा कुछ लोगों का जबरजस्ती धर्म परिवर्तन कराया गया। जैसे-जैसे उनकी जनसंख्या ज्यादा होते गया वैसे-वैसे अखंड भारत से विभाजित हो अन्य राष्ट्र बनते गया। वर्ण जाति के भेदभाव भुला एक रहेंगे तभी सेफ रहेंगे-
सुप्रसिद्ध रामलीला व रासलीला का होता है मंचन
वही विशेष जानकारी देते हुए स्वामी रामदास जी महाराज के द्वारा बताया गया कि
एकादश कुंडात्मक श्री राम महायज्ञ का शुभारंभ विगत 20 फरवरी को जलभरी शोभा कलश यात्रा से हुआ था। हवन, जप, तप हजारों भक्तों को प्रसाद वितरण के साथ ही वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा प्रतिदिन सुप्रसिद्ध रामलीला एवं रासलीला का मंचन किया जाता है- यज्ञ का पूर्णाहुति 28 फरवरी को भव्य भंडारे के साथ संपन्न होगा। मौके पर बिहार प्रदेश पंच सरपंच संघ महासचिव सह भदौला पंचायत के सरपंच दिलीप कुमार सिंह सहित हजारों पुरुष एवं महिला श्रोता उपस्थित रहे। वही इस महायज्ञ में प्रखंड क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों समेत ग्राम वासियों व क्षेत्र वासियों द्वारा बढ़-चढ़कर भूमिका निभाया जा रहा है।


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