ये सिद्धाश्रम माँ का आंचल है, तुम चले आना। --सीमा योगभारती


अनिल कुमार सिंह 

ब्यूरो चीफ भोजपुर ! आप सभी लोग कभी न कभी किसी न किसी तीर्थ स्थल या मंदिरों में गये होंगे लेकिन जो ऊर्जा, जो चेतना, जो आत्मिक शांति सिद्धाश्रम धाम से प्राप्त होता है वह दुनिया के किसी भी धार्मिक स्थलों से प्राप्त नहीं हो सकता, क्योंकि यहां पिछले 30 वर्षों से अनंत काल के लिए अखण्ड श्री दुर्गा चालीसा पाठ चल रहा है ।

पंचज्योति शक्ति तीर्थ सिद्धाश्रम धाम एक सामान्य स्थान नहीं, बल्कि एक चैतन्य और ऊर्जावान तीर्थ है, जो समाज को सही दिशा देने के लिए स्थापित किया गया है। गुरुवर के अनुसार, यह धाम आने वाले समय में धर्म की धुरी बनेगा, यह धाम नशामुक्ति जैसे समाज कल्याण के कार्यों के लिए जाना जाता है। गुरुवर कहते हैं कि यहां आने वाला कोई भी व्यक्ति नशे से मुक्त हो सकता है। आश्रम में भोजन और आवास की व्यवस्था भी निःशुल्क है। मनुष्य जीवन पाकर यदि आप सिद्धाश्रम धाम नहीं आ पाए तो आपका जीवन व्यर्थ है।


गुरुवर कहते है कि जन जन की इष्ट माँ भगवती जगतजननी माँ दुर्गा हैं अगर हम माँ को अपने इष्ट के रूप में स्वीकार कर उनकी साधना आराधना करते है तो हमारा पतन स्वत: रुक जाएगा। 


कलिकाल के इस भयावह वातावरण में सत्य की ज्योति जलाकर दिशाभ्रमित समाज को दुर्लभ ज्ञान प्रदान करने वाले परम पूज्य गुरुवर श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के पावन सानिध्य में त्रिधाराओं के प्रति समर्पित और सिद्धाश्रम धाम से जुड़े लोग वास्तव में धन्य हैं।

जय माता की जय गुरुवर की ।

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