धन के लालच में साले का कत्ल शिवहर कोर्ट ने आरोपी बहनोई और साथी को सुनाई उम्रकैद

ब्यूरो चीफ अंकित कुमार की रिपोर्ट 

शिवहर-- रिश्तों को शर्मसार करने वाले एक जघन्य हत्याकांड में शिवहर व्यवहार न्यायालय ने शुक्रवार को अपना कड़ा फैसला सुनाया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अपने ही इकलौते साले की हत्या के दोषी बहनोई दीपक कुमार और उसके सहयोगी मंटू कुमार को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है।

संपत्ति के लोभ में रची गई थी खौफनाक साजिश

मामले की जानकारी देते हुए लोक अभियोजक (PP) सुरेश राय ने बताया कि यह घटना तरियानी थाना कांड संख्या 190/23 से जुड़ी है। अभियुक्त दीपक कुमार ने धन और संपत्ति के लालच में आकर अपने इकलौते साले सूरज कुमार (पिता मदन कुमार, ग्राम कस्तूरिया) को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी।

साजिश के तहत दीपक ने सूरज को \'झंडा देखने\' के बहाने अपने घर बुलाया। वहां उसने अपने साथी मंटू कुमार के साथ मिलकर सूरज की निर्मम हत्या कर दी और साक्ष्य छुपाने की नीयत से शव को झाड़ियों में फेंक दिया था।

न्यायालय ने लगाया जुर्माना, सुनाई अतिरिक्त सजा

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के आधार पर दीपक और मंटू को दोषी करार दिया। सजा का विवरण इस प्रकार है:

उम्रकैद (धारा 302/34): हत्या के मुख्य आरोप में दोनों दोषियों को आजीवन कारावास और आर्थिक दंड की सजा दी गई।

साजिश रचने पर सजा (धारा 120B): आपराधिक षड्यंत्र रचने के लिए दोषियों को 5 वर्ष की अतिरिक्त कैद और जुर्माने की सजा सुनाई गई है।

इस फैसले के बाद मृतक के परिजनों ने न्याय मिलने पर राहत जताई है। यह फैसला समाज में उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो संपत्ति के लालच में रिश्तों का कत्ल करने से नहीं हिचकते।

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