भाजपा के महामानव को राष्ट्रवादियों ने माना महादानव, जन्मदिवस के अवसर पर दो दिनों लगातार विरोध के साथ ही कई जगहों पर पुतला दहन कर मनाया काला दिन
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Sep 19, 2026
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सबका साथ सबका विकास का नारा दें, राष्ट्र की एकता अखंडता को छिन्न-भिन्न करने के साथ ही एक वर्ग को गुलाम बनाने की साजिश
राष्ट्र के इतिहास में पहली बार किसी प्रधानमंत्री के जन्म दिवस के अवसर पर हुआ इतना बड़ा विरोध
अखिल भारतीय समाचार टीम
बिहार----- प्रदेश सहित देश के कोने-कोने से राष्ट्रीय सवर्ण समाज संघ सहित अन्य संगठनों व राष्ट्रवादियों ने भाजपा के महामानव को माना महादानव, जन्मदिवस के अवसर पर धरातल सहित सोशल मीडिया के माध्यम दो दिनों तक लगातार विरोध जारी, राष्ट्रवादियों ने कहा सबका साथ सबका विकास का नारा दें, सत्ता प्राप्त होने के बाद जातिवादी कानूनों के माध्यम से एक वर्ग को गुलाम बनाने का रच रहा साजिश।
आपको बताते चलें कि विगत बारह वर्षों से सवर्णो की सहयोग से नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा पार्टी केंद्र की सत्ता में बनी रहने के साथ-साथ अनेकों प्रदेशों की कमान संभाली हूई है। फल स्वरुप पार्टी के द्वारा नरेंद्र मोदी को एक महान मानव के रूप में प्रदर्शित किया जाता है। विगत 17 सितंबर को नरेंद्र मोदी का जन्मदिन था, जिस अवसर पर भाजपा पार्टी द्वारा राष्ट्र के लोगों से धूमधाम से जन्मदिन मनाने का अपील किया गया, साथ ही पार्टी सहित सरकार में बने होने की वजह से सरकारी कर्मियों के माध्यम से भी चहल-पहल दिखाने का कोशिश किया गया। पर राष्ट्रवादियों ने अलग-अलग तरीके से विरोध किया।
आपको बता दें नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से सरकार द्वारा जारी जाति विद्वेष फैलाने वाली कानूनों की बढ़ोतरी होने की वजह से राष्ट्रवादियों में असंतोष है, यदि सच कहा जाए तो राष्ट्र में खुलेआम योग्यता का बलात्कार हो रहा है राष्ट्र गृह युद्ध के दहलीज पर खड़ी है।फलस्वरूप राष्ट्र के राष्ट्र वादियों द्वारा राष्ट्र के कोने-कोने से लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है। क्रम में राष्ट्रवादियों ने जन्म दिवस के अवसर पर भाजपा के महामानव को महादानव बता जगह-जगह धरना प्रदर्शन के साथ ही पुतला दहन कर कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे और काली पट्टी के जरिए अपना विरोध दर्ज करा महादानव करार दिया,व नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस को काला दिवस के रूप में मनाया।
सबका साथ सबका विकास का नारा दें, एक वर्ग को गुलाम बनाने की रच रहा साजिश
राष्ट्रवादियों ने कहा कि नरेंद्र मोदी द्वारा सत्ता में आने के लिए सबका साथ सबका विकास का नारा दिया गया, पर सत्ता में काबिज होने के बाद से ही सवर्ण समाज के विरुद्ध जातिवादी मानसिकता दर्शाते हुए जाति वादी कानूनों की लगातार बढ़ोतरी कर सवर्ण समाज को गुलाम बनाने की साजिश किया जा रहा है, जिससे समाज व राष्ट्र की एकता अखंडता तो छिन्न-भिन्न हो ही रहा है, राष्ट्र गृह युद्ध के कगार पर खड़ी है। सरकार द्वारा जातिवादी कानूनो में बढ़ोतरी कर सवर्ण वर्ग को गुलाम बनाने की साजिश रची जा रही है। जिसे कभी पूर्ण नहीं होने दिया जाएगा।
राष्ट्र के इतिहास में पहली बार किसी प्रधानमंत्री के जन्मदिवस के अवसर पर इतना बड़ा विरोध पद की गरिमा हो रही शर्मसार
राष्ट्र के इतिहास को उठाकर देखा जाए तो जितने जिंदगी आतंकवादियों की वजह से बर्बाद नहीं हुआ उससे हजार गुना जिंदगी सरकार द्वारा जारी जातिवादी काले कानूनो की वजह से हुआ। जिस वजह से राष्ट्र के इतिहास में यह पहली घटना है जो किसी शासनाध्यक्ष के जन्म दिवस के अवसर पर इतना बड़ा विरोध हुआ। राष्ट्र के कोने-कोने से राष्ट्रवादियों ने नरेंद्र मोदी मुर्दाबाद, आरक्षण एससी एसटी मुर्दाबाद, यूजीसी रोलबैक के नारों के साथ पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया। काले झंडे काली पट्टियां बांध राष्ट्रवादियों की ओर से बेहद कठोर शब्दों का इस्तेमाल भी किया गया।राष्ट्रवादियों ने अपनी मांगों तथा मुद्दों को लेकर कहा आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाते रहेंगे। वही देखा जाए तो सत्ता की लोलुपता में राष्ट्र की विनाशकारी कानूनों को बनाना समाज के साथ तो विश्वास घात है ही राष्ट्र के साथ भी विश्वास घात किया जा रहा है जिससे कि पद की गरिमा भी शर्मसार हो रही है।


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