डिवाइडर के कट बने चौड़ी सड़क पर जानलेवा
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- Sep 19, 2026
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रोहतास।सासाराम की सड़कें पहले से चौड़ी हो चुकी है या हो रही हैं। यातायात के लिए जगह बढ़ रही है और वाहनों की रफ्तार भी। लेकिन इसी चौड़ी सड़क पर डिवाइडर में जगह-जगह छोड़े गए अनियोजित और असुरक्षित कट अब हादसों का नया कारण बनते दिखाई दे रहे हैं। सवाल सड़क चौड़ी करने का नहीं है। सवाल है—क्या सड़क चौड़ी करने के साथ उसकी सुरक्षा का डिजाइन भी तैयार किया गया है?
कई स्थानों पर डिवाइडर का कट ऐसा है कि एक ओर से आने वाला वाहन अचानक मुड़ता है और दूसरी दिशा से आने वाले तेज वाहन के सामने आ जाता है। कई जगह कट के आसपास पर्याप्त संकेतक, रिफ्लेक्टर, रोशनी या स्पष्ट लेन व्यवस्था दिखाई नहीं देती। नतीजा—चालक को निर्णय लेने के लिए कुछ ही सेकंड मिलते हैं और जरा-सी चूक दुर्घटना में बदल सकती है।
कोई भी कट पहले से कहीं ज्यादा जोखिम भरा
सबसे गंभीर बात यह है कि सड़क चौड़ी होने के बाद वाहनों की गति स्वाभाविक रूप से बढ़ी है। ऐसे में पुराने ढंग से छोड़ा गया कोई भी कट पहले से कहीं ज्यादा जोखिम पैदा करता है।
सासाराम में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन स्वयं दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान, बेहतर रोड मार्किंग और ट्रैफिक प्रबंधन पर जोर दिया है। फिर सवाल यह है कि डिवाइडर के इन कटों का सुरक्षा ऑडिट कौन करेगा।
नगर निगम से सवाल है—
क्या शहर की चौड़ी की गई सभी प्रमुख सड़कों के डिवाइडर कटों का तकनीकी सर्वे कराया गया है?
यातायात पुलिस से सवाल है।
कितने कट ऐसे हैं जहां बार-बार दुर्घटनाएं या निकट-दुर्घटनाएं हो रही हैं?
सड़क निर्माण एजेंसियों से सवाल है—
क्या हर कट की स्थिति तय करते समय यातायात की गति, वाहन भार, मोड़ की दृश्यता और पैदल यात्रियों की सुरक्षा का अध्ययन किया गया?
जब लक्ष्य जीरो फेटेलिटी का है तो क्या हादसा होने के बाद सुधार करना ही व्यवस्था का तरीका रहेगा, या हादसे से पहले खतरे पहचानकर उन्हें खत्म किया जाएगा?सड़क केवल डामर, सीमेंट और डिवाइडर का नाम नहीं है। सड़क का असली मूल्य उस पर सुरक्षित घर लौटने वाला नागरिक है।
सासाराम को स्मार्ट, सुंदर और तेज शहर बनाने की दौड़ में यह नहीं भूलना चाहिए कि रफ्तार बढ़ाना विकास है, लेकिन रफ्तार के साथ सुरक्षा न बढ़ाना लापरवाही है।शहर की सड़कों का चौड़ीकरण स्वागत योग्य है, लेकिन डिवाइडर के हर कट का हिसाब भी होना चाहिए—कहां कट जरूरी है, क्यों जरूरी है और उससे गुजरने वाला नागरिक कितना सुरक्षित है।
क्योंकि सवाल केवल ट्रैफिक का नहीं है…सवाल जिंदगी का है।


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