कुदरा में खुले नाले बने जानलेवा, नाले में गिरा भैंस का बछड़ा; जेसीबी से हुआ रेस्क्यू
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Aug 26, 2026
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संवाददाता रूपेश कुमार दुबे की रिपोर्ट
कैमूर--- जिला के कुदरा नगर क्षेत्र में खुले नाले अब लोगों और मवेशियों के लिए परेशानी का सबब बनते जा रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-19 की सर्विस लेन पर बजरंग लॉज के समीप खुले नाले में एक भैंस का बछड़ा गिर गया। बछड़े के नाले में गिरने की जानकारी मिलते ही मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। इसके बाद काफी मशक्कत और जेसीबी की मदद से बछड़े को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
बताया जा रहा है कि स्थानीय लोगों की नजर अचानक खुले नाले में गिरे भैंस के बछड़े पर पड़ी। बछड़ा नाले में फंसा हुआ था और बाहर निकलने के लिए लगातार प्रयास कर रहा था। इसके बाद आसपास के लोगों ने तत्काल इसकी सूचना अन्य स्थानीय लोगों को दी। देखते ही देखते मौके पर काफी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद कुदरा नगर अध्यक्ष सुरेंद्र पाल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और बछड़े को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए जेसीबी मंगवाने की व्यवस्था कराई। स्थानीय लोगों ने भी रेस्क्यू अभियान में सहयोग किया। जेसीबी की मदद से काफी सावधानीपूर्वक नाले के आसपास मिट्टी हटाई गई और काफी मशक्कत के बाद भैंस के बछड़े को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
रेस्क्यू के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। लोगों का कहना है कि खुले नाले के कारण यहां लगातार खतरा बना हुआ है। खासकर रात के समय अंधेरा होने पर राहगीरों और पशुओं के नाले में गिरने की आशंका और बढ़ जाती है।
नगर अध्यक्ष सुरेंद्र पाल ने बताया कि खुले नाले की समस्या को लेकर एनएचएआई के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह खुले नाले किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। इसलिए संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करना चाहिए।
वहीं, स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले दो-तीन दिनों से इस खुले नाले में पशुओं के गिरने की शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नाले को ढकने की व्यवस्था नहीं की गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने एनएचएआई और संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-19 की सर्विस लेन के किनारे खुले पड़े नाले को जल्द से जल्द ढका जाए। साथ ही जहां नाला खुला हुआ है, वहां सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग या अन्य आवश्यक व्यवस्था भी की जाए, ताकि राहगीरों और मवेशियों के साथ होने वाली घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
बताया जा रहा है कि मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचने के बाद जल्द समस्या का समाधान करने की बात कही गई है। अब देखना होगा कि खुले नाले को कब तक ढका जाता है और स्थानीय लोगों को इस समस्या से कब तक राहत मिलती है।


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