उर्दू भाषा विघार्थ राज्य प्रोत्साहन योजना को लेकर बैठक आयोजित
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- Sep 09, 2026
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रोहतास। उर्दू भाषा अपनी मिठास, गंगा-जमुनी तहज़ीब,समृद्ध साहित्य एवं गहरी भावनात्मक अभिव्यक्ति के कारण ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से अति महत्वपूर्ण है। उक्त बातें मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग,उर्दू निदेशालय, बिहार,पटना के तत्त्वावधान में उर्दूभाषी विद्यार्थी प्रोत्साहन राज्य योजना-2025-26 के तहत रोहतास जिला उर्दू भाषा कोषांग द्वारा आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता का उद्घाटन करते उप विकास आयुक्त आकांक्षा आनंद ने कही। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आयीं सासाराम के अनुमंडल पदाधिकारी,प्रिया रानी ने उर्दू के महत्त्व पर बोलते हुए कहा कि उर्दू भाषा में संवेदनाओं, भावनाओं और विचारों को अत्यंत शालीनता,पारदर्शिता और ख़ूबसूरती के साथ व्यक्त करने की अद्भुत क्षमता है। कुछ इसी तरह की बातें विशिष्ट अतिथि के रूप में आये सामाजिक सुरक्षा के निदेशक निजू कुमार राम तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के उप निदेशक किशोर आनंद ने भी कही। इस वाद-विवाद प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न महाविद्यालयों से-15, इंटरस्तरीय विद्यालयों से-15 तथा उच्च विद्यालयों से 23 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला उर्दू भाषा कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी इज़हार आलम ने बताया कि जिले भर से आये स्नातक,इंटर और मैट्रिक के छात्र-छात्राओं के लिए कोषांग की ओर से उर्दू के अलग-अलग विषय निर्धारित किये गये थे। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में आये प्रतिभागी छात्र-छात्राओं ने उर्दू की महत्ता पर बख़ूबी अपना विचार पेश किया। कार्यक्रम में निर्णायक सदस्य के रूप में शेरशाह कॉलेज के उर्दू विभाग के व्याख्याता डॉ0 नदीम, रोहतास महिला कॉलेज के डॉ0 शमशेर आलम,नेहरू कॉलेज, डेहरी के डॉ0 इख़्तिकार अहमद अंसारी,उच्च माध्यमिक विद्यालय, लहेरी,कोचस की डॉ0 तब्बसुम निगार तथा सीनियर सेकेण्डरी विद्यालय,बिक्रमगंज के डॉ0 रज़ा खान उपस्थित रहे। जिला उर्दू भाषा कोषांग की ओर से प्रकाशित एक पत्रिका तथा मोमेंटो आगत अतिथियों को भेंट की गयी। कार्यक्रम को सफल बनाने में कोषांगकर्मी मोहन कुमार कर्ण तथा मो0 शाक़िब आलम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पूरे कार्यक्रम का संचालन जमशेद आलम ने किया।


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