भभुआं बाल सुधार गृह में बंद बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Sep 11, 2026
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कोर्ट में पेशी के बाद लौटने पर बिगड़ी तबीयत, सदर अस्पताल पहुंचते ही तोड़ा दम; परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप, एसडीएम ने दिए जांच के आदेश
संवाददाता रूपेश कुमार दुबे की रिपोर्ट
कैमूर------ जिले के भभुआ स्थित बाल सुधार गृह में बंद एक बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान भभुआ शहर के चकबंदी रोड निवासी रुस्तम राइन के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों ने संबंधित स्तर पर लापरवाही बरते जाने का आरोप लगाया है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई।
बताया जाता है कि रुस्तम राइन को न्यायालय में पेशी के लिए ले जाया गया था। कोर्ट में पेशी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे वापस भभुआ बाल सुधार गृह लाया गया। इसी दौरान खाना खाने के वक्त अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसकी हालत खराब होते ही बाल सुधार गृह में मौजूद कर्मियों द्वारा आनन-फानन में उसे इलाज के लिए भभुआ सदर अस्पताल ले जाया गया।
हालांकि, सदर अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अचानक हुई मौत की खबर मिलते ही मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में परिजन अस्पताल पहुंच गए। परिजनों ने घटना को लेकर सवाल उठाते हुए लापरवाही का आरोप लगाया तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक जानकारी जुटाई। अधिकारियों द्वारा बाल सुधार गृह में बंदी की तबीयत बिगड़ने से लेकर अस्पताल पहुंचाए जाने तक के पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली जा रही है। साथ ही, घटना से जुड़े परिस्थितिजन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम द्वारा पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि बंदी की तबीयत अचानक किन परिस्थितियों में बिगड़ी और उसे अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया में क्या-क्या कदम उठाए गए।
फिलहाल बंदी की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। मौत का कारण बीमारी, अचानक स्वास्थ्य संबंधी समस्या या अन्य कोई वजह थी, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच जारी है।
घटना के बाद बाल सुधार गृह की व्यवस्था और बंदियों के स्वास्थ्य संबंधी निगरानी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। अधिकारियों की जांच रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


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