समुद्री शक्ति के विस्तार का शंखनाद: राजनाथ ने लॉन्च किया एफएसएस-1 ‘सूर्य’

एचएसएल में एफएसएस-5 की नींव, आधुनिक स्लिपवे और 300 टन की गॉलियथ क्रेन का उद्घाटन; वैश्विक जहाज निर्माण में भारत की बड़ी छलांग

अखिल भारतीय समाचार टीम 

आंध्र प्रदेश------ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (एचएसएल), विशाखापत्तनम में पहले फ्लीट सपोर्ट शिप (एफएसएस-1) का जलावतरण किया। उन्होंने पांचवें फ्लीट सपोर्ट शिप (एफएसएस-5) की आधारशिला रखने के साथ उन्नत स्लिपवे-4 और 300 टन क्षमता वाली गॉलियथ क्रेन का भी उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं से एचएसएल की बड़े और आधुनिक जहाजों के निर्माण की क्षमता बढ़ेगी।

रक्षा मंत्री ने कहा कि एफएसएस-1 का जलावतरण उपलब्धि, एफएसएस-5 की नींव संकल्प और नया स्लिपवे बढ़ती क्षमता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि फ्लीट सपोर्ट शिप समुद्र में नौसेना के जहाजों को ईंधन, सामग्री और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराकर उनकी परिचालन क्षमता और समुद्री पहुंच को मजबूत करेंगे।

‘सूर्य’ नामक एफएसएस-1 का जलावतरण नौसेना पत्नी कल्याण संघ की अध्यक्ष लायला स्वामीनाथन ने पारंपरिक रीति से किया। स्वदेशी तकनीक से निर्मित इन जहाजों में अधिक क्षमता वाले भंडारण टैंक, रखरखाव कार्यशाला, हेलीकॉप्टर संचालन के लिए डेक और आत्मरक्षा प्रणालियां होंगी।

राजनाथ सिंह ने कहा कि आत्मनिर्भरता के बाद भारत का अगला लक्ष्य वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ना है। उन्होंने एचएसएल को आंध्र प्रदेश के लघु एवं मध्यम उद्योगों, विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और स्टार्टअप से जोड़कर मजबूत समुद्री औद्योगिक तंत्र विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने विशाखापत्तनम को प्रमुख समुद्री औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम में नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन, आंध्र प्रदेश के मंत्री श्री जनार्दन रेड्डी, सांसद श्री श्रीभरत मथुकुमिल्ली, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार, पूर्वी नौसेना कमान के प्रमुख वाइस एडमिरल संजय भल्ला, तटरक्षक अधिकारी डॉनी माइकल तथा एचएसएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रियर एडमिरल सी. रघुराम (सेवानिवृत्त) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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