रूस-यूक्रेन की छह महिलाओं ने गयाजी में किया पिंडदान, पूर्वजों के मोक्ष की कामना
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Oct 08, 2026
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पितृपक्ष मेले के 13वें दिन फल्गु तट पर विदेशी श्रद्धालुओं ने किया तर्पण, सनातन परंपरा में जताई आस्था
गयाजी। विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला-2026 के 13वें दिन गुरुवार को गयाजी में देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं की आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। रूस और यूक्रेन से पहुंचीं छह महिलाओं ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति एवं मोक्ष की कामना को लेकर फल्गु नदी के पवित्र तट पर विधिवत पिंडदान और तर्पण किया।
विदेशी श्रद्धालुओं ने हिंदू सनातन परंपरा के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेते हुए अपने पितरों को श्रद्धापूर्वक पिंड अर्पित किए। इस दौरान फल्गु तट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूरे विधि-विधान से पिंडदान एवं तर्पण संपन्न कराया गया। विदेशी महिलाओं की श्रद्धा और धार्मिक आस्था को देखकर वहां मौजूद श्रद्धालु भी भावुक नजर आए।
उड़ीसा भवन के पंडा मनोज कटारियार के सानिध्य में जगदीश श्याम दास ने सभी श्रद्धालुओं को विधिवत रूप से पिंडदान कराया। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान पितरों की शांति और मोक्ष के लिए विशेष प्रार्थना की गई।
गयाजी में प्रत्येक वर्ष पितृपक्ष के दौरान देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। मान्यता है कि फल्गु नदी के तट पर पिंडदान और तर्पण करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। यही आस्था विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं को भी गयाजी की पावन धरती तक खींच लाती है। इस वर्ष भी पितृपक्ष मेला में विदेशी श्रद्धालुओं की भागीदारी गयाजी की धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान को वैश्विक स्तर पर उजागर कर रही है।


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