सड़क या दुर्घटना को आमंत्रण देता गड्ढा? रामगढ़ विधानसभा के सिसौड़ा गांव की मुख्य सड़क की स्थिति दयनीय, जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से ग्रामीणों में भारी आक्रोश

सहायक संवाददाता अभिषेक तिवारी की रिपोर्ट 

रामगढ़ (कैमूर)--- /  प्रखंड क्षेत्र के सिसौडा गांव, रामगढ़ विधानसभा तमाम चुनाव आए और चले गए, नेता आए और वादे करके चले गए, लेकिन रामगढ़ विधानसभा के सिसौड़ा गांव की मुख्य राजमार्ग सड़क की सूरत नहीं बदली। आज इस गांव से होकर गुजरने वाला यह महत्वपूर्ण राजमार्ग अपनी बदहाली के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। सड़क की स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि स्थानीय ग्रामीणों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि एक महत्वपूर्ण राजमार्ग होने के बावजूद न तो स्थानीय मुखिया, न क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि (विधायक/सांसद), और न ही बिहार सरकार या केंद्र सरकार के किसी विभाग का ध्यान इस ओर गया है

गड्ढों में तब्दील हुआ राजमार्ग विकास के दावों की खुली पोल

सिसौडा़ गांव से गुजरने वाली यह सड़क कहने को तो एक महत्वपूर्ण मार्ग (राजमार्ग) है, जो कई इलाकों को जोड़ता है, लेकिन धरातल पर इसकी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। सड़क पर अनगिनत और जानलेवा गड्ढे बन चुके हैं। बरसात के दिनों में यह सड़क तालाब का रूप ले लेती है, जिससे हर वक्त किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। आए दिन दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक इन गड्ढों का शिकार होकर चोटिल हो रहे हैं।

"तमाम लोग आए, तमाम लोग गए"... जनता आज भी ठगी हुई

ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय वोट मांगने के लिए हर दल के नेता और जनप्रतिनिधि हाथ जोड़कर बड़े-बड़े वादे करते हैं। विकास की गंगा बहाने का दावा करने वाले इन नेताओं को चुनाव जीतने के बाद सिसौड़ा गांव के लोगों की सुध लेने की फुर्सत नहीं मिलती।

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