भिवंडी पालिका में 'महाराष्ट्र शासन' लिखी गाड़ियों का खेल

क्लर्क बने प्रभारी अधिकारी उड़ा रहे सरकारी शान, भिवंडीकरों में आक्रोश!

भिवंडी। भिवंडी निजामपुर शहर महानगर पालिका में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का एक और मामला सामने आया है। यहां क्लर्क से बने प्रभारी अधिकारियों को ‘महाराष्ट्र शासन’ लिखी गाड़ियां आवंटित की गई हैं, जिससे आम जनता में आक्रोश फैल गया है। लोगों का मानना है कि इससे न केवल पालिका की बदनामी हो रही है, बल्कि अधिकारियों के रसूख और भ्रष्टाचार की भी पोल खुल रही है।

सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा खेल पूर्व आयुक्त अजय वैद्य के कार्यकाल में शुरू हुआ था। उन्होंने अपने करीबी प्रभारी अधिकारियों को विशेष सुविधाएं देने के उद्देश्य से इन वाहनों की व्यवस्था करवाई। यह गाड़ियां केवल पालिका मुख्यालय से अधिकारियों के घर तक आने-जाने के लिए दी गईं, लेकिन इन पर ‘भिवंडी निजामपुर शहर महानगर पालिका’ के बजाय ‘महाराष्ट्र शासन’ लिखवाया गया। इससे जनता को भ्रम होता है कि ये गाड़ियां राज्य सरकार की हैं, जबकि असल में ये पालिका की संपत्ति हैं।

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस अनियमितता पर कड़ा विरोध जताया है। उनका कहना है कि यदि कोई अधिकारी वास्तव में राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किया गया है, तो उसके वाहन पर ‘महाराष्ट्र शासन’ लिखा जा सकता है, लेकिन नगर पालिका के प्रभारी अधिकारियों को यह विशेषाधिकार देना गलत है। भिवंडीकरों की मांग है कि इन वाहनों से तुरंत ‘महाराष्ट्र शासन’ का नाम हटाया जाए और उन पर ‘भिवंडी निजामपुर शहर महानगर पालिका’ लिखा जाए। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और जनता को सही जानकारी मिलेगी। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पर कोई सख्त कदम उठाएगा, या यह मामला भी अन्य घोटालों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा? भिवंडीकरों की नजरें अब सरकार और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

रिपोर्टर

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