
भारत माला अधिग्रहित जमीन में धान नहीं रोपने का निर्देश
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- Jun 16, 2025
- 87 views
रोहतास।"एक्सप्रेसवे में अधिग्रहित किए जाने वाली जमीन पर किसान नहीं लगाए फसल" एजेंसी
भारतमाला परियोजना के तहत वाराणसी-रांची-कोलकता एक्सप्रेसवे चरण-II पैकेज-3 Lot-9 अन्तर्गत अंचल चेनारी में मौजा विरनगर, नारायणपुर, किनरचोला, चोरही, डेहरियां, केनार खुर्द, सेमरी, सहसी, बेन्सिल, रघुनाथपुर, बरहताली बडकी, बरहताली छोटकी, खुजा वो अंचल शिवसागर में मौजा खुढनु, सिकरौर, करमा, चोर, खुढिया, उचौली, चनारी, मझुई, कोनकी में अधिग्रहित किए जाने वाली जमीन का एक तरफ तेजी से मुआवजा का भुगतान शुरू कर दिया गया है, वही दूसरी तरफ निर्माण एजेन्सी द्वारा लाईनिंग सहित अधिग्रहित जमीन पर साफ-सफाई का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। कई जगहो पर किसानो द्वारा अधिग्रहण के लिए चिन्हित जमीन पर धान की फसल लगाने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
अधिग्रहित किए जाने वाली जमीन पर किसान धान की फसल न लगाए और सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों को निदेश दिया गया है कि वह व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को अधिग्रहित होने वाली जमीन पर धान की फसल लगाने से रोके, अन्यथा इससे किसानों को नुकसान होग क्योंकि उक्त एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित होने वाली जमीन के मुआवजे का भुगतान भी शुरू होने के साथ निर्माण कार्य शुरू हो गया है। ऐसे में निर्माण कार्य किए जाने के कारण उनकी फसल नष्ट हो जायेगी और ऐसे में उन्हें आर्थिक क्षति होगी इसलिए किसान अधिग्रहण के लिए चिन्हित जमीन पर किसी तरह की फसल न लगाऐ।
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, रोहतास के अनुसार यह देखा गया है कि कुछ क्षेत्रों में रैयत आगामी धान की फसल की तैयारी कर रहे है, जबकि वह भूमि भारतमाला परियोजना के लिए अधिग्रहित की जा चुकी है और उस पर कार्य प्रारंभ हो चुका है, यदि इन जमीनों पर फसल लगाई जा रही है तो न केवल निर्माण प्रक्रिया बाधित होगी, बल्कि फसल लगाने के दौरान रैयतो को फसल हानि वो मुआवजा प्रक्रिया में उलझन का सामना कर पड़ सकता है, जिला प्रशासन का यह निदेश अधिग्रहित भूमि पर खेती कार्य, विशेषकर धान की रोपनी न की जाए, यह कदम रैयतों को अनावश्यक श्रम, निवेश व संभावित हानि से बचाने हेतु उठाया गया है।
रिपोर्टर