सरस्वती पूजा पर डीजे बजाने पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध, विसर्जन के लिए 24 जनवरी तक की समय सीमा तय
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Jan 21, 2026
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जिला संवाददाता संदीप कुमार की रिपोर्ट
कैमूर :- आगामी सरस्वती पूजा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए मंगलवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। जिला पदाधिकारी (डीएम) एवं पुलिस अधीक्षक (एसपी) की संयुक्त अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पूजा को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि पूजा और विसर्जन के दौरान डीजे के उपयोग पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि किसी भी सूरत में नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोनों अनुमंडल पदाधिकारियों (भभुआ/मोहनिया) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे डीजे पर प्रतिबंध को कड़ाई से लागू कराएं। इसके अलावा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों या विसर्जन के दौरान अश्लील, भड़काऊ या आपत्तिजनक भोजपुरी गीतों के बजाने पर भी रोक रहेगी।
लाइसेंस अनिवार्य, 24 जनवरी तक करना होगा विसर्जन
अनुमंडल प्रशासन द्वारा बताया गया कि अब तक जिले में लगभग 350 पूजा समितियों को लाइसेंस निर्गत किया जा चुका है। प्रशासन ने साफ किया है कि बिना प्रशासनिक अनुमति या लाइसेंस के कोई भी पूजा पंडाल स्थापित नहीं किया जाएगा। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि विसर्जन की प्रक्रिया 24 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरी कर ली जाए। विसर्जन के लिए रूट और समय का निर्धारण पहले ही कर लिया गया है, जिसका सत्यापन अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी स्वयं करेंगे।
ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी, साइबर सेल भी सक्रिय
सुरक्षा व्यवस्था पर जोर देते हुए पुलिस अधीक्षक ने बताया कि विसर्जन जुलूस और संवेदनशील इलाकों की निगरानी ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के माध्यम से की जाएगी। अफवाह फैलाने वालों और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले पोस्ट डालने वालों के खिलाफ साइबर सेल विशेष नजर रखेगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विभिन्न केंद्रों पर 'क्विक रिस्पांस टीम' (QRT) तैनात रहेगी।
विसर्जन स्थलों पर रहेंगे गोताखोर और बैरिकेडिंग
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विसर्जन स्थलों पर बैरिकेडिंग और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। डूबने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए चिन्हित घाटों पर गोताखोरों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। साथ ही, जिला पदाधिकारी ने सभी बीडीओ, सीओ और नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। डीएम ने शांति समिति के सदस्यों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर पूजा का सफल संचालन सुनिश्चित कराएं।
बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी भभुआ/मोहनिया, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पूजा समितियों के प्रतिनिधि और जिले के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


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