सदन में डॉक्टरों की कमी पर गरजे रामगढ़ के विधायक कहा इलाज आंकड़ों से नहीं, डॉक्टरों से होता है
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Feb 16, 2026
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दुर्गावती संवाददाता श्याम सुंदर पांडेय कि रिपोर्ट
दुर्गावती (कैमूर) - बिहार विधानसभा में स्वास्थ्य विभाग के बजट कटौती प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कैमूर जिले के रामगढ़ विधायक ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "इलाज आंकड़ों से नहीं, डॉक्टरों से होता है!" विधायक ने सरकार द्वारा पेश किए जा रहे आंकड़ों को खारिज करते हुए अस्पतालों में डॉक्टरों के घोर अभाव की पोल खोली।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानक के अनुसार प्रति 1000 आबादी पर एक डॉक्टर होना चाहिए, लेकिन बिहार में यह औसत 20,000 आबादी पर एक डॉक्टर का है। पड़ोसी राज्यों की स्थिति इससे कहीं बेहतर है—उत्तर प्रदेश में 2363, पश्चिम बंगाल में 1337, झारखंड में 3000 और केरल में मात्र 500 लोगों पर एक डॉक्टर उपलब्ध है। कैमूर जिले और रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में डॉक्टरों की भारी कमी है। सदर अस्पताल भभुआ में 57 स्वीकृत पदों पर केवल 23 डॉक्टर कार्यरत हैं। रामगढ़ रेफरल अस्पताल में 13 पदों पर महज 3 डॉक्टर, दुर्गावती सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 14 पदों पर 3 डॉक्टर, तथा नुऑव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 9 पदों पर 4 डॉक्टर तैनात हैं।
विधायक ने स्वास्थ्य मंत्री से अनुरोध किया कि कैमूर सदर अस्पताल और क्षेत्रीय अस्पतालों में डॉक्टरों की तत्काल बहाली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने दुर्गावती में NH-19 जीटी रोड के किनारे सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल सह ट्रॉमा सेंटर के निर्माण की भी मांग की।


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