विधि विरुद्ध बालकों एवं विचाराधीन वंदियो को लेकर सभा का आयोजन
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- Jan 18, 2026
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संवाददाता पारसनाथ दुबे
डिहरी आनसोन रोहतास।पैरवी के बैनर तले डेहरी प्रखंड के भड़कुरिया गांव में विधि विरुद्ध बालकों (CICL) तथा जेल में बंद विचाराधीन बंदियों की जमानत और कानूनी सहायता मेंअधिकारों को लेकर एक व्यापक सामुदायिक सभा का आयोजन किया गया
। इस सभा का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को कानून की जानकारी देना, बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा गरीब और वंचित वर्ग को न्याय व्यवस्था से जोड़ना था।
सभा की अध्यक्षता बाल कल्याण समिति की सदस्या गायत्री कुमारी ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विधि विरुद्ध बालक को अपराधी नहीं बल्कि सुधार की आवश्यकता वाले बालक के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने समुदाय से अपील की कि ऐसे बच्चों के पुनर्वास और सामाजिक स्वीकार्यता में सहयोग करें।
सभा को संबोधित करते हुए रूपकी कुमारी, सीमा जी , विवेक राज , अनीशा कुमारी, पूर्व मुखिया एवं जननेता हरिशंकर सिंह ने कहा कि आज भी बड़ी संख्या में गरीब और वंचित लोग केवल कानूनी जानकारी और संसाधनों के अभाव में वर्षों तक जेल में बंद रहते हैं। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पैरवी की टीम निःशुल्क जमानत, कानूनी सलाह और न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग प्रदान कर रही है, जो समाज के लिए एक अत्यंत सकारात्मक पहल है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों से आमजन का न्याय व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होता है।
वक्ताओं ने बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाज के लिए अभिशाप बताते हुए इसके खिलाफ सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया। कहा गया कि ग्राम स्तर पर ग्राम बाल संरक्षण समिति को सक्रिय और सशक्त किए बिना बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा संभव नहीं है। इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, आशा कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और जागरूक नागरिकों की सक्रिय भूमिका अत्यंत आवश्यक है।
सभा में उपस्थित ग्रामीणों ने भी अपने अनुभव साझा किए और कानूनी सहायता, जमानत प्रक्रिया तथा बाल अधिकारों से संबंधित सवाल पूछे, जिनका समाधान किया गया। अंत में यह संकल्प लिया गया कि समाज के सबसे कमजोर वर्ग—बच्चों, महिलाओं और गरीब परिवारों—के लिए जागरूकता अभियान को निरंतर जारी रखा जाएगा और बाल संरक्षण से जुड़े सभी सरकारी व सामाजिक तंत्र को मजबूत करने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे।


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