आईपीएस विकास वैभव ने रोहतास जिला का किया दौरा
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- Apr 14, 2026
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रोहतास। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और लेट्स इंस्पायर बिहार के जनक विकास वैभव ने मंगलवार को शाहाबाद क्षेत्र के रोहतास जिले का दौरा किया। इस दौरान वे
"लेट्स इंस्पायर बिहार" अभियान के अंतर्गत क्षेत्र भ्रमण पर रहे। अपने दौरे के क्रम में उन्होंने सासाराम के समीप गायघाट ग्राम में आयोजित अंबेडकर जयंती समारोह में भाग लिया। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। अपने संबोधन में श्री वैभव ने कहा कि शिक्षा शेरनी का दूध है जो पियेगा वही दहाड़ेगा, आज हमलोग अंबेडकर जी के जिंदगी से सब सीख ले सकते हैं, बहुत ही सामान्य परिवार में जन्मे डॉ अंबेडकर शिक्षा का महत्व को बखूबी समझे। आज उन्हीं को हम लोग याद कर रहे हैं। क्योंकि उन्होंने शिक्षा को महत्व दिया और बिहार का विकास भी शिक्षा से ही संभव होगा। इसके लिए हमलोग निरंतर बाबा साहब के सपनों के भारत को साकार करना है तो सभी लोगों को शिक्षा के साथ आगे बढ़ना होगा।
साथ ही इस दौरान उन्होंने मैट्रिक परीक्षा में सफल हुए छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उन्हें पुरस्कृत किए और मौजूद तमाम बच्चों को प्रोत्साहित किए। इस अवसर पर विकास वैभव ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि शिक्षा ही सफलता की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने बच्चों को निरंतर मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों, अभिभावकों एवं युवाओं की सक्रिय भागीदारी रही। इस पहल से क्षेत्र में शिक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश गया और बच्चों का मनोबल बढ़ा। मौजूद लोगों में रोहतास जिले के शिक्षाविद् अखिलेश सिंह, एसपी जैन महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य गुरु चरण सिंह, जिला परिषद की पूर्व चेयरमैन प्रमिला सिंह, अश्वनी सिंह, रामवतार राय, जी एम अंसारी, राहुल सिंह, निखिल तिवारी, अनिल यादव, शेखर कुमार, कार्यक्रम के आयोजक संजय बिंद के साथ सैकड़ों लोग शामिल रहे।
बिहार के उज्ज्वलतम भविष्य के निर्माण के बीते 5 वर्षों से हर शनिवार, रविवार एवं अवकाश के दिनों में मेरी यात्रा निरंतर गतिमान रही है । बिहार के सांस्कृतिक पुनर्जागरण तथा शिक्षा एवं उद्यमिता की क्रांति लाने के उद्देश्य से, हर क्षेत्र में अपने पूर्वजों की बृहत दृष्टि का स्मरण कराते हुए, सभी से जाति-संप्रदाय, लिंगभेद और वैचारिक मतभेदों से ऊपर उठकर अपने-अपने हिस्से के बिहार में सकारात्मक योगदान हेतु आह्वान करता रहा हूँ ।
इस गतिमान यात्रा के क्रम में 2400 से अधिक कार्यक्रम संपन्न हो चुके हैं तथा 1200 से अधिक अध्यायों में 3,55,000 से अधिक संकल्पित सहयात्री सीधे रूप में साथ जुड़ चुके हैं । बिहार के 18 जिलों में स्थित 33 निःशुल्क शिक्षा केंद्रों में 2000 से अधिक आर्थिक रूप से वंचित विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं । अभियान के साथ 600 से अधिक स्टार्ट-अप भी जुड़ चुके हैं । लक्ष्य है कि 2028 तक बिहार के प्रत्येक जिले में कम-से-कम पाँच ऐसे स्टार्ट-अप स्थापित हों, जिनमें 100 से अधिक व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त हो । बिहार के बाहर निवास कर रहे 100 से अधिक व्यक्ति आज अपने-अपने ग्रामों के विकास में योगदान दे रहे हैं । अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से अभियान का संदेश जन-जन तक पहुँच रहा है और यह लाखों संकल्पित बिहारवासियों का एक विशाल परिवार बन चुका है ।
अत्यधिक परिश्रम के साथ गतिमान इस यात्रा के क्रम में, जब बिहार के हर क्षेत्र और हर ग्राम-नगर में अभियान के प्रति बढ़ते आकर्षण को देखता हूँ, तब #यात्री_मन अत्यंत आशान्वित हो उठता है । यह विश्वास दृढ़ होता है कि यह परिश्रम अवश्य ही तीव्रता के साथ फलीभूत होगा और 2047 तक विकसित भारत में एक विकसित बिहार के निर्माण में हम सफल होंगे । अपने गृह क्षेत्र में पहुँचकर संकल्प और सुदृढ़ हो उठता है । मन कहता है कि ध्येय पथ पर पूर्ण ऊर्जा के साथ निरंतर चलते रहना है — लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित है। यात्रा गतिमान है!


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