कैमूर में पराली प्रबंधन को लेकर जागरूकता अभियान शुरू, डीएम ने दिखाई हरी झंडी

रिपोर्ट संदिप कुमार


कैमूर:-- जिले में पराली प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए मंगलवार को व्यापक जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। जिला पदाधिकारी एवं उप विकास आयुक्त के संयुक्त नेतृत्व में जिले के सभी प्रखंडों में यह अभियान एक साथ शुरू किया गया। अभियान का शुभारंभ जिला पदाधिकारी द्वारा जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर किया गया। ये रथ आने वाले कुछ सप्ताह तक गांव-गांव जाकर किसानों को पराली प्रबंधन के प्रति जागरूक करेंगे। कृषि विभाग के विशेषज्ञ रथों के माध्यम से किसानों को पराली के वैज्ञानिक प्रबंधन, उसके लाभ तथा पर्यावरण संरक्षण में उसकी भूमिका के बारे में जानकारी देंगे।


जिला पदाधिकारी ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है और मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है। उन्होंने किसानों को पराली का उपयोग जैविक खाद के रूप में करने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। अभियान के तहत किसानों को पराली से कंपोस्ट खाद बनाने, मल्चिंग, पशु चारा, बायोगैस निर्माण समेत अन्य वैकल्पिक उपयोगों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही पर्यावरण अनुकूल खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाएगा। इस मौके पर जिला कृषि पदाधिकारी विकास कुमार, जिला उद्यान पदाधिकारी डॉ. अभय कुमार गौड़, उप निदेशक कृषि अभियंत्रण अकरम अंसारी, सहायक निदेशक बीज विश्लेषण आलेख शर्मा, सहायक निदेशक वर्तिका सिंह, सहायक निदेशक पंकज कुमार, उप परियोजना निदेशक (आत्मा) नवीन कुमार सिंह, प्रखंड कृषि पदाधिकारी आदर्श शुक्ला सहित कृषि विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। अभियान का उद्देश्य किसानों को पराली प्रबंधन के प्रति जागरूक कर पर्यावरण संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और टिकाऊ कृषि प्रणाली को बढ़ावा देना है।

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