दलित पीड़ितों व भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाने से क्षुब्द शासन प्रशासन की मिली भगत से समाज सेवक की पुलिस ने की हत्या

भरत भुषण तिवारी की हत्या के विरुद्ध कैमूर में आक्रोश मार्च कैंडल जला दो मिनट मौन रह दी गई श्रद्धांजलि

 संवाददाता रूपेश कुमार दुबे की रिपोर्ट 

कैमूर-- बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव के रहने वाले समाजसेवी भरत भूषण तिवारी की हत्या दलित पीड़ितों की आवाज सहित भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाने के कारण शासन प्रशासनक मिली से पुलिस द्वारा विगत  17 जून 2026 को कर दिया गया।

समाजसेवी भरत भूषण तिवारी की हत्या के विरोध में कैमूर जिले में लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। परसुराम सेना, बजरंग दल, करनी सेना, राष्ट्रीय सवर्ण समाज संघ सहित सर्व समाज द्वारा एकजुट होकर आक्रोश मार्च निकाला गया, और कैंडल जलाकर दिवंगत समाजसेवी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की।

आक्रोश मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा, जहां लोगों ने हाथों में तख्तियां और मोमबत्तियां लेकर न्याय की मांग की। मार्च में शामिल लोगों का कहना था कि भरत भूषण तिवारी दलित, गरीब, शोषित और पीड़ित वर्गों की आवाज बुलंद करते थे तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार संघर्ष कर रहे थे। उनकी हत्या लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक न्याय की लड़ाई पर हमला है।

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भरत भूषण तिवारी ने हमेशा अन्याय, अत्याचार और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने समाज के कमजोर तबकों को न्याय दिलाने के लिए अनेक आंदोलनों का नेतृत्व किया। ऐसे व्यक्ति की हत्या से समाज को अपूरणीय क्षति हुई है। वक्ताओं ने कहा कि यदि प्रशासन जल्द से जल्द मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को गिरफ्तार नहीं करता है तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर "भरत भूषण तिवारी अमर रहें", "हत्यारों को गिरफ्तार करो" और "न्याय दो, न्याय दो" जैसे नारे लगाए। उपस्थित लोगों ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि हत्या के पीछे की साजिश का पर्दाफाश किया जाए तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा और उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।

आक्रोश मार्च के समापन पर सभी लोगों ने कैंडल जलाकर भरत भूषण तिवारी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और दो मिनट का मौन रखकर उनके अधूरे सामाजिक संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

समाजसेवी भरत भूषण तिवारी की हत्या के विरोध में कैमूर में लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिखा। विभिन्न संगठनों ने आक्रोश मार्च निकालकर कैंडल जलाया, दो मिनट का मौन रखा और घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

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