मीडिया कर्मी द्वारा एक निजी प्रतिष्ठान में अवैध कार्यों की गुप्त सूचना जिला प्रशासन को देने के कारण, हाथ पैर तोड़ने सहित जान से मारने की धमकी

थाना प्रभारी की कार्यशैली पर उठे सवाल, एसडीपीओ से निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग

जिला संवाददाता संदीप कुमार के साथ सहायक संवाददाता रूपेश कुमार दुबे कि रिपोर्ट 

कैमूर--- जिला अंतर्गत कुदरा नगर पंचायत निवासी एक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थान से जुड़े एक मीडिया कर्मी द्वारा अवैध कार्यों की सूचना जिला प्रशासन को देने के कारण, प्रतिष्ठान के अपराधी प्रवृति के संचालक द्वारा मीडिया कर्मी को दूरसंचार के माध्यम से हाथ पैर तोड़ने सहित दरवाजे पर पहुंच जान से मारने कि दि गई धमकी।

घटना से संबंध 

मिली जानकारी के अनुसार नगर पंचायत कुदरा वार्ड संख्या-4 निवासी बबन गुप्ता द्वारा अपनी मैजिक गाड़ी क्रमांक- A.P. 39 UB 5719 नगर पंचायत कुदरा स्थित सुहागन वाटिका में खड़ा किया गया था।जिसे वापस लेने के लिए विगत 16 जून समय लगभग 04 बजे पहुंचने के बाद गाड़ी चालूं करने के क्रम में, पता हुआ की गाड़ी की बैटरी अज्ञात चोरों ने चोरी कर लिया गया है।जिसकी सूचना पीड़ित बबन गुप्ता द्वारा कुदरा थाना में लिखित शिकायत के रूप में दर्ज कराया गया।

जिला प्रशासन को गुप्त सूचना देने के कारण मीडिया कर्मी की हाथ पैर तोड़ने सहित जान से मारने की धमकी 

घटना की सूचना पर पहुंचे स्थानीय मीडिया कर्मी महेंद्र प्रसाद गुप्ता द्वारा सुहागन वाटिका पहुंचने पर, वहां शराब सेवन के प्रमाण स्वरूप बड़ी संख्या में खाली शराब की बोतलें दिखाई देने का दावा किया गया, साथ ही विडियो क्लिप भेजते हुए, मामले की सूचना पुलिस अधीक्षक कैमूर को दी गई। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरक्षी अधीक्षक हरिमोहन शुक्ल द्वारा स्थानीय थाना प्रशासन को जांच हेतु भेजा गया। 

स्थानीय थाना प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान 

आरोपी कि ऑडियो क्लिप की दृष्टिकोण के अनुसार स्थानीय थाना प्रभारी नंदू कुमार द्वारा स्थल पर पहुंच, जांच न कर आरोपी सुहागन वाटिका के संचालक लक्ष्मण शाह को सूचना प्रदान किया गया। जिसके बाद प्रतिष्ठान के संचालक द्वारा मीडिया कर्मी को दूरभाष के माध्यम से हाथ पैर तोड़ने सहित, बुधवार की सूबह मीडिया कर्मी के दरवाजे पर पहुंच जान से मारने की धमकी दिया जाने लगा। जो थाना प्रभारी की कार्यशैली पर सवालिया निशान हैं।

मीडिया कर्मी ने जांच कर अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई सहित सुरक्षा की लगाया गया गुहार 

पीड़ित ने मीडिया कर्मी महेंद्र प्रसाद गुप्ता ने स्थानीय थाना प्रभारी नंदू कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) मोहनियां को लिखित आवेदन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि पुलिस को दी गई गोपनीय सूचना को थाना प्रभारी द्वारा संबंधित आरोपियों तक पहुंचा दिया गया, जिसके बाद उन्हें और उनके परिवार को धमकियां मिल रही हैं।

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि थाना प्रभारी ने घटनास्थल पर जांच करने के बजाय सुहागन वाटिका के संचालक लक्ष्मण शाह को थाना बुलाकर गुप्त सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान उजागर कर दी। इसके बाद संबंधित व्यक्ति द्वारा शिकायतकर्ता के परिवार से संपर्क कर कथित रूप से दबाव बनाने और धमकी देने की कोशिश की गई।

महेंद्र प्रसाद गुप्ता ने अपने आवेदन में कहा है कि 17 जून को आरोपी उनके घर पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए हाथ-पैर तोड़ने तथा गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। उन्होंने दावा किया कि धमकी से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद है, जिसे जांच के दौरान साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।

विवादित प्रतिष्ठान स्थल के संचालक के विरुद्ध पूर्व हो चुकी है कार्रवाई 

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी पर पूर्व में भी सूदखोरी सहित अन्य आपराधिक मामलों में कार्रवाई हो चुकी है। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि भविष्य में उनके या उनके परिवार के खिलाफ किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना घट सकती है।

पत्रकार ने एसडीपीओ मोहनियां से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, गुप्त सूचना देने वाले की पहचान उजागर करने के आरोप की जांच करने तथा धमकी देने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की भी गुहार लगाई है।

मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। अब निगाहें पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर क्या कदम उठाए जाते हैं।

रिपोर्टर

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