किराए के एक छोटे से घर से मानवता की बड़ी मिसाल तक
- राजेश कुमार शर्मा, सहायक संपादक - उत्तर प्रदेश
- Jun 29, 2026
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जौनपुर। कहते हैं। कि बड़ा इंसान बनने के लिए बड़ा घर, बड़ा धन या बड़ी संपत्ति नहीं, बल्कि बड़ा दिल होना चाहिए। इसी सोच को साकार कर रहे हैं। मां धर्मा देवी फाउंडेशन ट्रस्ट के चेयरमैन, राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा जिन्होंने अपनी व्यक्तिगत परेशानियों को पीछे छोड़कर मानव सेवा को अपना जीवन संकल्प बना लिया है।
पिछले 16 वर्षों से किराए के मकान में जीवन बिताने के बावजूद, समाज सेवा का जुनून कभी कम नहीं हुआ। खुद की आर्थिक स्थिति सीमित होने के बाद भी गरीब, असहाय, जरूरतमंद और मजबूर लोगों की पीड़ा देखकर अपनी तकलीफों को भूल जाना ही इनकी सबसे बड़ी पहचान बन गई है।
कई बार ऐसा समय भी आया जब अपने लिए साधन सीमित थे, लेकिन किसी जरूरतमंद की मदद के लिए दिल हमेशा आगे रहा। लोगों से सहयोग मांगकर, छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने का प्रयास करना और समाज के अंतिम व्यक्ति तक मदद पहुंचाने का संकल्प ही इनके जीवन का उद्देश्य बन गया है।
एक साधारण परिवार से निकलकर आज मानवता की सेवा को अपनी पहचान बनाने वाले इस प्रयास ने यह संदेश दिया है। कि सेवा करने के लिए अमीरी नहीं, संवेदनशील दिल चाहिए।
मां धर्मा देवी फाउंडेशन ट्रस्ट को मिला विश्व स्तरीय सम्मान केवल एक प्रमाण पत्र नहीं, बल्कि उन सभी संघर्षों, त्याग और निस्वार्थ सेवा का सम्मान है। जो वर्षों से जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए किए जा रहे हैं।
आज समाज को ऐसे ही लोगों की जरूरत है। जो अपने दर्द को भूलकर दूसरों के आंसू पोंछने का प्रयास करते हैं।
जिन्होंने कभी हालातों से हार नहीं मानी, वही आज मानवता की मिसाल बनकर खड़े हैं।
मां धर्मा देवी फाउंडेशन ट्रस्ट"सेवा ही संकल्प, मानवता हमारा धर्मl


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