दो पंचायतों के बीच फंसी न्यू कर्मा बस्ती, सड़क, नाली और आंगनबाड़ी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित ग्रामीणों में आक्रोश

बारिश में कीचड़ से बदहाल रास्ते, बच्चों को NH-19 पार कर जाना पड़ता है; ग्रामीण बोले– कई बार शिकायत के बावजूद नहीं हुई सुनवाई

संवाददाता रूपेश कुमार दुबे की रिपोर्ट 

कैमूर---- कुदरा प्रखंड की देवराढ़ कला खुर्द पंचायत अंतर्गत न्यू कर्मा गांव के ग्रामीण वर्षों से सड़क, नाली, आंगनबाड़ी केंद्र सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीवनयापन करने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में गांव की स्थिति और भी बदतर हो जाती है। कीचड़ और जलजमाव के कारण लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। समस्या से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी जताते हुए जल्द समाधान की मांग की है।ग्रामीणों ने बताया कि न्यू कर्मा गांव दो पंचायतों के बीच फंस जाने के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इस संबंध में पूर्व प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन आज तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायतों के अधिकार क्षेत्र को लेकर बनी स्थिति का खामियाजा गांव के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

गांव की महिलाओं ने बताया कि बारिश के दिनों में सड़क नहीं होने से गांव से बाहर निकलना बेहद कठिन हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों को होती है। गांव में आंगनबाड़ी केंद्र नहीं होने के कारण बच्चों को राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-19 पार कर दूसरे गांव जाना पड़ता है, जिससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों के अनुसार, बीते दिनों इस मार्ग पर कई सड़क दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है।

इस संबंध में चिलबिली पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि युगल पासवान ने बताया कि न्यू कर्मा गांव के सभी मतदाता देवराढ़ कला खुर्द पंचायत के हैं। इसके बावजूद उनके स्तर से सड़क और नाली का निर्माण कराया गया है तथा भविष्य में योजना मिलने पर आगे भी विकास कार्य कराया जाएगा।

वहीं, देवराढ़ कला खुर्द पंचायत के मुखिया चंद्रशेखर यादव ने बताया कि पूर्व प्रखंड विकास पदाधिकारी के कार्यकाल में उन्होंने निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए ईंट और बालू भी गिरवा दिया था। लेकिन बाद में उन्हें यह कहकर कार्य रोकने को कहा गया कि यहां काम नहीं किया जा सकता तथा इस कार्य के लिए फंड स्वीकृत नहीं होगा। इसके बाद उन्हें निर्माण सामग्री वापस उठानी पड़ी।

उधर, इस संबंध में कुदरा प्रखंड विकास पदाधिकारी से दूरभाष पर संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि वह फिलहाल अवकाश पर हैं। उन्होंने कहा कि कार्यालय लौटने के बाद मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पंचायत सीमा विवाद से ऊपर उठकर गांव की मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि लोगों को सड़क, नाली, आंगनबाड़ी और अन्य आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध हो सकें।

रिपोर्टर

संबंधित पोस्ट