अवैध वसूली के जूर्म में सामेकित जांच चौकी के पास से एक युवक गिरफ्तार

इसी सप्ताह 4 सैप जवानों सहित कुल 9 हुए थे गिरफ्तार 

संवाददाता रूपेश कुमार दूबे की रिपोर्ट 

कैमूर---- जिले के मोहनियां समेकित जांच चौकी पर अवैध वसूली का मामला एक बार फिर सामने आया है। पुलिस ने ट्रक चालकों से जबरन पैसे वसूलते हुए एक युवक को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से नकद राशि भी बरामद हुई है।

 खास बात यह है कि कुछ ही दिन पहले इसी चेक पोस्ट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 4 SAP जवानों समेत 9 लोगों को गिरफ्तार किया था। अब एक बार फिर हुई इस गिरफ्तारी ने चेक पोस्ट पर चल रहे अवैध वसूली के नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मोहनिया पुलिस ने समेकित जांच चौकी के दक्षिणी लेन पर कार्रवाई करते हुए ट्रक चालकों से अवैध वसूली कर रहे एक युवक को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दुर्गावती थाना क्षेत्र के धनेक्षा गांव निवासी राजवंश शाह के पुत्र राजकिशोर गुप्ता के रूप में हुई है। पुलिस ने तलाशी के दौरान उसके पास से 2400 रुपये नकद बरामद किए, जिसे अवैध वसूली की रकम माना जा रहा है।


पुलिस के अनुसार आरोपी ट्रकों को रोककर चालकों से पैसे वसूल रहा था। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। बरामद नकदी को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।


गौरतलब है कि कुछ दिन पहले कैमूर के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर इसी समेकित जांच चौकी पर विशेष छापेमारी की गई थी। उस कार्रवाई में अवैध वसूली के आरोप में 4 SAP जवानों सहित कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उस दौरान 57 हजार 760 रुपये नकद भी बरामद किए थे। इसके बावजूद दोबारा अवैध वसूली का मामला सामने आने से पुलिस की सतर्कता और चेक पोस्ट की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

 थानाध्यक्ष, मोहनियां आलोक कुमार ने बताया कि समेकित जांच चौकी के दक्षिणी लेन से ट्रक चालकों से अवैध वसूली करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से 2400 रुपये बरामद हुए हैं। पूछताछ के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जो भी लोग इसमें शामिल होंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"


पुलिस का कहना है कि अवैध वसूली में शामिल पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। लगातार हो रही गिरफ्तारियां इस बात का संकेत हैं कि चेक पोस्ट पर सक्रिय गिरोहों पर शिकंजा कसने की कोशिश जारी है। अब देखना होगा कि जांच के बाद इस नेटवर्क से जुड़े और कितने लोगों के नाम सामने आते हैं तथा पुलिस इस अवैध वसूली पर कितनी रोक लगा पाती है या नहीं

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