राज्यमंत्री पंवार ने कदंब का पौधा रोपकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश


ब्यावरा विधानसभा की हृदयस्थली घुरेल पहाड़ी पर 300 पौधों का वृहद वृक्षारोपण

राजगढ़ । ब्यावरा विधानसभा की हृदयस्थली घुरेल पहाड़ी स्थित सुप्रसिद्ध तीर्थस्थल भगवान पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में प्रशासन और वन विभाग द्वारा 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग श्री नारायण सिंह पंवार ने भगवान पशुपतिनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना कर पावन कदंब का पौधा रोप कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इस अवसर पर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पंवार ने उपस्थित नागरिकों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण का आग्रह करते हुए कहा कि "पेड़ लगाना केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और समृद्ध भविष्य के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम 50 पौधे अवश्य लगाए और उनकी देखभाल का संकल्प भी ले।" उन्होंने कहा कि घुरेल पहाड़ी और भगवान पशुपतिनाथ मंदिर परिसर ब्यावरा विधानसभा की आस्था और पहचान का केंद्र है। इस पवित्र स्थल का संरक्षण और सौंदर्यीकरण हम सभी का सामूहिक दायित्व है। भगवान पशुपतिनाथ की कृपा से यह क्षेत्र सदैव आस्था, सेवा और प्रकृति संरक्षण का संदेश देता रहा है।

अपने संबोधन में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री पंवार ने लगातार हो रही वन कटाई पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अंधाधुंध वृक्षों की कटाई और भूमिगत जल के अत्यधिक दोहन के कारण धरती का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है। जंगलों के घटते क्षेत्रफल के कारण वर्षा का चक्र प्रभावित हो रहा है, भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है और जल संकट की समस्या गंभीर होती जा रही है। यदि समय रहते प्रकृति के संरक्षण के लिए ठोस प्रयास नहीं किए गए तो आने वाली पीढ़ियों को इसके गंभीर दुष्परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने रासायनिक खेती के बढ़ते दुष्प्रभावों का उल्लेख करते हुए कहा कि अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है, साथ ही खेती के लिए लाभकारी कीट, तितलियाँ, मधुमक्खियाँ, केंचुए तथा पक्षियों की संख्या भी लगातार कम होती जा रही है। ये सभी प्रकृति के संतुलन और कृषि उत्पादन के महत्वपूर्ण सहयोगी हैं, जिनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।

राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पंवार ने किसानों से जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होती है, उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ती है, पर्यावरण सुरक्षित रहता है तथा मानव स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है। उन्होंने वर्षा जल संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए प्रत्येक नागरिक से जल बचाने और वर्षा जल संचयन के प्रभावी उपाय अपनाने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने "नशे से दूरी है जरूरी" का संदेश देते हुए सभी उपस्थित लोगों को नशामुक्त जीवन जीने का संकल्प भी दिलाया और कहा कि स्वस्थ समाज, स्वच्छ पर्यावरण और जागरूक नागरिक ही विकसित राष्ट्र की आधारशिला हैं।

वन विभाग द्वारा आयोजित इस वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम में लगभग 300 पौधों का रोपण किया

कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष श्री ज्ञान सिंह गुर्जर, पूर्व मंत्री श्री बद्रीलाल यादव और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. इच्छित गढ़पाले ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए पेड़ों के महत्व पर संवाद किया।

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