डेहरी ऑन सोन में एयरपोर्ट बनना तय था, डेहरी में ही बनेगा एयरपोर्ट नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन - टीम डेहरीयंस


संवाददाता पारसनाथ दुबे


डेहरी रोहतास। डेहरी ऑन सोन में एयरपोर्ट की मांग को लेकर शनिवार को टीम डेहरीयंस ने जोरदार प्रदर्शन कर सरकार को चेतावनी दी। टीम ने कहा कि डेहरी ऑन सोन में एयरपोर्ट बनना तय था, और डेहरी में ही बनेगा, नहीं तो बहुत बड़ा जन आंदोलन होगा।


टीम डेहरीयंस के संस्थापक सह अध्यक्ष चन्दन कुमार ने कहा कि डेहरी ऑन सोन शहर 1933 से 1984 के बीच उड़ान भरता था। डालमियानगर स्थित रोहतास इंडस्ट्रीज लिमिटेड एशिया का सबसे बड़ा उद्योग समूह था, जहां पूरे भारत के लोग कार्यरत थे। आज भी डेहरी में बियाडा के दो इंडस्ट्रियल एरिया एनिकट और सुआरा में स्थित हैं।


उन्होंने बताया कि डेहरी में 230 एकड़ का विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) भी प्रस्तावित है। यहां के पहाड़ों में प्रचूर मात्रा में गंधक, निकेल, क्रोमियम और लाइम स्टोन है, जिसका खनन भी प्रारंभ हो चुका है। आने वाले वर्षों में डेहरी में रेलवे का एक्सेल वैगन मरम्मत और कपलर निर्माण का कारखाना भी लगना तय है। एयरपोर्ट की लगभग 75% जमीन बियाडा को दे दी गई है।


2024 के बजट से पहले बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की बैठक में बिहार के प्रस्तावित 9 एयरपोर्ट में डेहरी ऑन सोन का नाम भी शामिल था।


टीम ने कहा कि पर्यटन के लिहाज से रोहतासगढ़ किला, चौरासन मंदिर, महादेव खोह, कशिश जलप्रपात, तुतला भवानी धाम, इंद्रपुरी बराज, धूपघड़ी, झारखंडी मंदिर, नौलखा मंदिर, रक्षावीर जैन मंदिर आदि पर्यटकों की पहली पसंद बन रहे हैं।


डेहरी में एयरपोर्ट बनने से शाहाबाद प्रमंडल के अनेक जिलों के साथ औरंगाबाद, पलामू और गढ़वा जिलों को फायदा मिलेगा, क्योंकि डेहरी इन सभी जिलों का व्यापारिक केंद्र रहा है। इससे करोड़ों के राजस्व की प्राप्ति होगी और लगभग 1.5 करोड़ जनता को लाभ मिलेगा। साथ ही यात्री एयरपोर्ट के साथ कार्गो एयरपोर्ट बनने से बड़ी कंपनियों के वेयरहाउस बनेंगे और लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा।


टीम ने बिहार सरकार से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द पूरा करने की मांग की।

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