औद्योगिक पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों की बैठक, जमीन नहीं देने का लिया संकल्प

 संवाददाता सिंगासन सिंह यादव 

भभुआं(कैमूर)----- अनुमंडल क्षेत्र के चैनपुर/चांद में सरकार द्वारा किसानों की भूमि का अधिग्रहण कर औद्योगिक पार्क बनाए जाने के प्रस्ताव के विरोध में ग्राम करजी में किसानों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में चैनपुर एवं चांद प्रखंड-अंचल क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे किसानों ने भूमि अधिग्रहण को लेकर अपनी चिंता और आपत्ति जताई।

बैठक में किसानों ने कहा कि कृषि भूमि उनके परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार है। यदि सरकार द्वारा उनकी जमीन का अधिग्रहण किया जाता है, तो इससे किसानों के सामने रोजगार और परिवार के भरण-पोषण की समस्या उत्पन्न हो सकती है। किसानों ने औद्योगिक पार्क के लिए कृषि योग्य भूमि अधिग्रहण किए जाने का विरोध करते हुए अपनी जमीन नहीं देने की बात कही।


बैठक में ग्रामीण जनप्रतिनिधियों और किसानों ने एकजुट होकर भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आवाज उठाने तथा आगे भी इस मुद्दे पर सामूहिक रूप से आंदोलन करने की रणनीति पर चर्चा की। किसानों का कहना था कि विकास कार्यों का वे विरोध नहीं करते, लेकिन इसके लिए किसानों की उपजाऊ जमीन को अधिग्रहित किया जाना उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन और सरकार से किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की।

बैठक में मुखिया राधेश्याम पाल, युगल किशोर उपाध्याय, रवि सिंह, रमेश सिंह, हनुमान चौबे, सुनील उपाध्याय, गुरुदेव उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

किसानों ने कहा कि भूमि अधिग्रहण को लेकर यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। बैठक के दौरान किसानों ने आपसी एकजुटता बनाए रखने और भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर सामूहिक निर्णय लेने पर जोर दिया।

ग्रामीणों ने सरकार एवं जिला प्रशासन से मांग की कि औद्योगिक पार्क की योजना को लेकर किसानों के साथ स्पष्ट संवाद किया जाए और उनकी सहमति तथा हितों को प्राथमिकता दी जाए। बैठक में मौजूद किसानों ने कहा कि वे अपनी कृषि भूमि की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

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