डिजिटल माध्यम से होगी वर्ष 2027 की जनगणना डीएम


 त्रुटिरहित और शत-प्रतिशत सटीक आंकड़े जुटाना मुख्य उद्देश्य: जिला प्रशासन



रोहतास। शुक्रवार से जिला एवं चार्ज स्तरीय अधिकारियों तथा शासकीय सेवकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू, 25 जनवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक चलेगा जनसख्या प्रगणन (द्वितीय चरण) का कार्य


समाहरणालय, रोहतास स्थित जिला जनता दरबार सभागार में प्रधान जनगणना अधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी, रोहतास की अध्यक्षता में भारत सरकार के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय, नई दिल्ली के दिशा-निर्देशानुसार भारत की जनगणना 2027 के द्वितीय चरण - जनसंख्या परिगणना को निर्धारित समयावधि में सुनिश्चित करने एवं सफल संचालन हेतु आज दिनांक 30 अक्टूबर 2026 से जिला एवं चार्ज स्तरीय अधिकारियों और शासकीय सेवकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया है, जो 06 नवम्बर 2026 को संपन्न होगा।

भारत की जनगणना दो चरणों में आयोजित की जा रही है। इसका प्रथम चरण, जिसके अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य शामिल था, दिनांक 02 मई 2026 से 31 मई 2026 तक कुल तीस दिनों में पहले ही सफलतापूर्वक सम्पन्न हो चुका है। द्वितीय चरण यानी जनसंख्या परिगणना (Population Enumeration) पूर्व की जनगणनाओं की तरह ही आगामी वर्ष के दिनांक 25 जनवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक की अवधि में आयोजित किया जाएगा। जिला पदाधिकारी द्वारा दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। इस क्रम में प्रशिक्षणार्थी को संबोधित करते हुए उनके द्वारा बताया गया की जनगणना का मूल उद्देश्य बिना किसी चूक या दोहराव के देश की पूरी जनसंख्या की सटीक गणना सुनिश्चित करना है। जिला पदाधिकारी ने प्रशिक्षण के दौरान सख्त निर्देश दिए हैं कि इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी स्तर पर त्रुटि की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। जनगणना के आंकड़े केवल लोगों को गिनने का काम नहीं हैं, बल्कि यह भविष्य की रूपरेखा तैयार करने का सबसे मजबूत आधार हैं। इसी डेटा के बल पर आने वाले समय में विकास की योजनाएं बनेंगी, बजट तय होंगे और समाज के अंतिम पायदान पर खडे व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचेगा। साथ ही सभी चार्ज स्तरीय अधिकारियों, सहायकों (नियमित एवं तकनीकी) से अपील किया गया कि वे इस प्रशिक्षण का भरपूर लाभ उठाएं और नियमों का अक्षरशः पालन करते हुए जिले में जनगणना के द्वितीय चरण को पूरी सटीकता के साथ सफल बनाएं।

जिला जनगणना अधिकारी-सह-उप विकास आयुक्त द्वारा बताया गया है कि इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से संपन्न की जा रही है।

डिजिटल टूल का उपयोग इस कार्य को अत्यंत पारदर्शी, सटीक और तेज बनाएगा। तकनीकी रूप से इरा बड़ी चुनौती से निपटने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सभी कर्मियों को CMMS Portal और विभिन्न Census Digital Tools का व्यावहारिक ज्ञान (Hands-on-Session) दिया जा रहा है, ताकि फील्ड में काम कर रहे कर्मियों का सही मार्गदर्शन किया जा सके।

प्रशिक्षण जिला नोडल पदाधिकारी / प्रशिक्षक श्री राधे श्याम कुमार एवं श्री अभिषेक राज द्वारा दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला जनगणना अधिकारी-सह-उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्त्ता-सह-अपर जिला दण्डाधिकारी, अपर जिला जनगणना अधिकारी-सह-जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, जिला एवं चार्ज स्तरीय अधिकारियों सहित सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।

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