
देश के सवर्णो, और पिछड़ों को भाजपा ने जड़ा करारा थप्पड़
- Hindi Samaachar
- Aug 14, 2018
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भाजपा 2014 में जब बहुमत से जीती थी तो उसे समाज के हर वर्ग का वोट मिला था , इस बात से इनकार नही किया जा सकता। मोदी जी प्रधानमंत्री के रूप में देश को एक नई दिशा और दशा देने में कोई कोर कसर नही छोड़ा। इस बात को विपक्षी भी आधे मन से ही लेकिन सही मानते है। भाजपा जिस मुद्दे को लेकर 2014 में चुनाव लड़ा था।उसमें मुख्य मुद्दे थे ...... बहुमत में आने पर नया अध्यादेश लाकर, अयोध्या में श्री राम का भव्य मंदिर का निर्माण, कश्मीर से धारा 370 को समाप्त करना, विदेशो में जमा काला धन वापस लाकर देश के विकास में लगाना, भ्रस्टाचारियों को जेल के अंदर डालना, न्याय पालिका को और मजबूत करना। लेकिन विगत साढ़े चार सालों में मोदी सरकार ने अपने इन प्रमुख वादों पर कितना अमल किया विचारणीय है। सरकार लोक सभा और राज्य सभा में आज की तारीख में बहुमत में है।क्या अयोध्या में श्री राम मंदिर के लिए मोदी जी कोई अध्यादेश लाये❓क्या कश्मीर से धारा 370 हटाने के लिए अध्यादेश लाये❓विदेशो में जमा कालाधन देश मे आया❓ विजय माल्या, नीरव मोदी,मेहुल चौकसी जैसे लोगो को जेल के अंदर डाल पाये❓
शायद इन सभी प्रश्नों का उत्तर हर प्रबुद्ध व्यक्ति नही में ही देगा। वह चाहे जिस भी जाति और धर्म का हो।किसी भी दल से ताल्लुकात रखता हो।यहां तक कि भाजपा का छोटा से बड़ा हर कार्यकर्ता इन प्रश्नों पर बगल झाँकने लगता है।जहां तक न्याय पालिका को मजबूत करने की बात है तो,मोदी सरकार में न्याय पालिका में गिरावट ही आयी है। न्याय पालिका कमजोर ही हुई है। उसमें बहुत बड़ा योगदान खुद न्याय पालिका का भी है।देश के सौ करोड़ हिन्दुओ के आस्था के केंद्र अयोध्या मामले को लटकाए रखना, देश की राजनैतिक पार्टियों को एक तरह सेऑक्सीजन देना ही है। देश की सर्वोच्च अदालत ने एस०सी०एस० टी एक्ट में नाम मात्र के संसोधन का सुझाव क्या दिया। सभी राजनैतिक पार्टियां बिना सोचे समझे देश की सर्वोच्च अदालत पर अंगुली उठाने लगे। कुछ मुट्ठी भर लोग सड़क पर उतर कर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान भी पहुंचाए। सर्वोच्च न्यायालय ने क्या गलत कहा था। यदि किसी अनुसूचित जाति के व्यक्ति द्वारा किसी के खिलाफ एफ०आईं०आर हो तो पहले उसकी तथ्यात्मक जांच हो फिर उच्चाधिकारी के अनुमति पर आरोपित व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाय। कहाँ इसमें अनुसूचित जाति के भाइयों के साथ अन्याय हो रहा था। एस०सी०एस०टी एक्ट जैसे काले कानून का दुरुपयोग नही हो रहा था क्या❓.. कितने निर्दोष लोगों का जीवन बर्बाद हो गया। कितने सम्मानित लोगो का इस कानून के कारण जीना दूभर हो गया। मैं यह कदापि नही कह रहा हूँ कि अनुसूचित जाति के भाइयों के साथ अन्याय हो उनका कही से भी शोषण हो। वह भी हमारे समाज के प्रिय और अभिन्न अंग है।मोदी सरकार राम विलाश पासवान और अपने पार्टी के कुछ दलित सांसदों और विधायकों जो सवर्ण और पिछड़ी जातियों के वोट से जीतकर सांसद और विधायक बने हुए है, के दबाव में आकर आनन- फानन में जिस तरह से देश के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को दरकिनार कर अध्यादेश बहुमत के घमंड में चूर होकर लोकसभा और राज्य सभा मे पारित करा कर सवर्णो और पिछड़ों के गाल पर जोरदार थप्पड़ मारा है। भाजपा के परम्परागत मतदाताओ को स्वप्न में भी इसका ख्याल नही आया होगा। स्वर्गीय राजीव गांधी जी ने इस कानून को लागू किया था।जिसका नतीजा आज यह है कि उन्ही के पुत्र राहुल गांधी को छोटे-छोटे क्षेत्रीय दल उनकी औकात बता रहे है। पूरे देश मे 485 सीट से 48 सीट पर कांग्रेस सिमट गई। विपक्षी पार्टी का भी दर्जा कांग्रेस को नही मिल पाया। देश का सवर्ण और पिछड़ा समाज भाजपा और देश के प्रधानमंत्री मोदी जी से जानना चाह रहा है कि, अयोध्या में श्री राम मंदिर के निर्माण, कश्मीर से धारा 370 को हटाने के लिए लोकसभा और राज्य सभा मे बिल कब ला रहे है।कालाधन कब तक देश मे आ जायेगा,विजय माल्या, नीरव मोदी,मेहुल चौकसी, दाऊद इब्राहिम कब तक तिहाड़ जेल में आ जायेंगे❓क्योकि 2019 के चुनाव में छः से सात माह ही शेष बचे है। देश की डेढ़ अरब के लगभग जनता अपने चौकीदार से इतना जानने का हक तो रखती ही है। देश का सवर्ण और पिछड़ा वर्ग भाजपा की मोदी सरकार के देश की सर्वोच्च अदालत के एस०सी०एस०टी एक्ट के खिलाफ दिए गये निर्णय को संख्या बल के गुमान में पलटने को शायद ही 2019 के चुनाव तक भूल पाये। जिससे सवर्ण, पिछड़ा वर्ग ही नही मुसलमान भाई भी प्रभावित होता है तो भाजपा को 2019 में वापसी करना दिवास्वप्न के समान ही होगा। इन वर्गों के आक्रोश को कम करने के लिए, दिये गये गहरे जख्म पर मरहम लगाने के लिए आने वाले छः सात महीनों में मोदी सरकार क्या करती है। यह भविष्य के कोख में छिपा हुआ है। यदि समय रहते मोदी सरकार कोई ठोस कदम नही उठाती है तो उसे आत्मघाती मानव बम बनने से कोई रोक भी नही पायेगा।।
प्रदेश अध्यक्ष के.डी.विश्वकर्मा।
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