भिवंडी में करमरकर परिवार का अनुकरणीय योगदान
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Mar 07, 2025
- 260 views
वाचन मंदिर की इमारत का नवीनीकरण और नामकरण समारोह संपन्न
भिवंडी। भिवंडी में वाचन मंदिर संस्था के 162वें स्थापना दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें संस्था की इमारत के नवीनीकरण और नामकरण समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर महाराष्ट्र विधानसभा के विधायक महेश चौघुले ने करमरकर परिवार द्वारा वाचन मंदिर को दान में दी गई भूमि की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे दानवीर परिवार समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। विधायक चौघुले ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में जहां लोग संपत्ति और भूमि विवादों में उलझे रहते हैं, वहीं करमरकर परिवार ने निस्वार्थ भाव से वाचन मंदिर को जमीन दान में देकर समाज के सामने एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि भिवंडी जैसे शहर में करमरकर परिवार का योगदान अतुलनीय है और उनका यह दान समाज के लिए सदैव प्रेरणादायक रहेगा।
इस भव्य कार्यक्रम में वाचन मंदिर संस्था के अध्यक्ष सुधीर सिंगासणे, ठाणे जिला ग्रंथालय सहायक संचालक प्रशांत पाटिल, ठाणे जिला ग्रंथालय संघ के अध्यक्ष चांगदेव काले और करमरकर परिवार के सदस्य मोहन करमरकर एवं अविनाश करमरकर विशेष रूप से उपस्थित थे।
इस अवसर पर विधायक चौघुले ने घोषणा की कि वाचन मंदिर की इमारत के नवीनीकरण के लिए उनके विधायक निधि से सहायता प्रदान की गई है और भविष्य में भी संस्था को हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने वाचन मंदिर को शहर की एक अनमोल सांस्कृतिक धरोहर बताया और कहा कि यह संस्था ज्ञान और साहित्य के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कार्यक्रम में जिला ग्रंथालय सहायक संचालक प्रशांत पाटिल ने कहा कि सरकार द्वारा ग्रंथालयों को विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता दी जा रही है। भिवंडी के वाचन मंदिर को भी प्रतियोगी परीक्षा केंद्र स्थापित करने के लिए कंप्यूटर, पुस्तकें और सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी सरकारी योजनाओं के माध्यम से आवश्यक मदद प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम में करमरकर परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए ठाणे जिला ग्रंथालय संघ के अध्यक्ष और प्रसिद्ध साहित्यकार चांगदेव काले ने कहा कि यदि समाज में करमरकर परिवार जैसे और दानदाता सामने आएं तो अधिक से अधिक पुस्तकालयों की स्थापना हो सकती है।
संस्था के अध्यक्ष सुधीर सिंगासणे ने वाचन मंदिर की 162 वर्षों की यात्रा का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया और करमरकर परिवार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। करमरकर परिवार की ओर से अविनाश करमरकर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था के कार्यों को देखकर वे गर्व महसूस करते हैं कि उनकी दी गई भूमि पर एक भव्य ज्ञान मंदिर स्थापित हुआ है। इस अवसर पर विधायक महेश चौघुले ने करमरकर परिवार के सदस्यों को शॉल, श्रीफल और सम्मानचिह्न देकर सम्मानित किया। साथ ही, संस्था की भूमि को वाचन मंदिर के नाम पर पंजीकृत कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सुधीर सिंगासणे, किशोर नागावेकर, मनीष कानिटकर, विशाल काढवले और ग्रंथालय सेवकों का भी विशेष सम्मान किया गया। कार्यक्रम में ठाणे जिला ग्रंथालय संघ के पदाधिकारी, शहर के प्रतिष्ठित नागरिक, वाचन प्रेमी और संस्था के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का सफल संचालन ज्ञानेश्वर गोसावी और मिलिंद पळसुले ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन कार्यवाह किशोर नागावेकर ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मयुरेश घुले, दीपक वाघ, राधा जोशी, सुज्योती वल्लाल, योगेश वल्लाल, मनीष कानिटकर, विशाल काढवले, हरेश शिंदे और गणेश दांडेकर सहित कई सदस्यों ने विशेष योगदान दिया।


रिपोर्टर