भिवंडी में ठेकेदार के आंतक पर पालिका की रहस्यमयी चुप्पी
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Apr 26, 2025
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"सहारा टेडर्स" पर पालिका सरकार की मेहरबानी !
लापरवाही के बावजूद न ठेकेदार पर कार्रवाई, न हुई ब्लैकलिस्टिंग
राजनीतिक संरक्षण के चलते सहारा टेडर्स पर कार्रवाई ठप्प !
भिवंडी। भिवंडी-निजामपुर शहर महानगरपालिका के अंतर्गत वर्षों से कार्यरत "सहारा टेडर्स" नामक ठेकेदार की लापरवाहियों का सिलसिला जारी है,परंतु पालिका प्रशासन की चुप्पी अब कई सवाल खड़े कर रही है,पुरानी व जर्जर इमारतों को गिराने का काम करने वाला यह ठेकेदार एक के बाद एक गंभीर घटनाओं को जन्म दे रहा है,लेकिन इसके खिलाफ न कोई कार्रवाई हो रही है और न ही ब्लैकलिस्टिंग की पहल।
ताजा मामला मंडाई चौक का है, जहां भारत रत्न डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर वाचनालय की इमारत गिराते समय लापरवाही के कारण एक सरिया छटककर होटल में काम कर रहे धनराज सरोज नामक युवक को गंभीर रूप से घायल कर गया। हादसे में युवक का होंठ फट गया और दांत टूट गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने ठेकेदार पर सुरक्षा उपायों की घोर अनदेखी का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की थी। मामला शहर पुलिस स्टेशन तक पहुंचा और घायल को तत्काल इंदिरा गांधी उपजिला अस्पताल भेजा गया।
इस बीच ठेकेदार ने मामले को दबाने की कोशिश करते हुए आनन-फानन में युवक को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, मामूली इलाज करवा कर कुछ मुआवजा थमाया और उसे उसके गांव रवाना कर दिया।स्थानीय मीडिया ने इस खबर को प्रमुखता से उठाया, जिसकी गूंज महानगरपालिका के उच्चाधिकारियों तक भी पहुंची। आश्चर्य की बात यह है कि एक आईएएस अधिकारी द्वारा संचालित पालिका प्रशासन ने इस गंभीर घटना को भी नजरअंदाज कर दिया।
घटना स्थल से सटे सहायक आयुक्त कार्यालय के अधिकारी ने घायल को तो देखा, पर ठेकेदार के विरुद्ध कोई एक्शन नहीं लिया। शहर के जागरूक नागरिकों का कहना है कि "सहारा टेडर्स" नामक यह ठेकेदार भंगार माफिया के रूप में कुख्यात है और इसके राजनीतिक संरक्षण के चलते ही इस पर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं होती। ऐसे में यह सवाल उठना लाज़मी है कि क्या किसी की जान जाने के बाद ही प्रशासन जागेगा ? आखिर कब तक पालिका सरकार ठेकेदारों की लापरवाहियों पर चुप्पी साधे रहेगी ?


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