औपचारिकता पूरी, फिर भी ऑब्जेक्शन—सासाराम सीओ की मनमानी से जनता परेशान


रोहतास। जिला मुख्यालय स्थित सासाराम अंचल कार्यालय में इन दिनों जमीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) मामलों को लेकर आम जनता भारी परेशानी का सामना कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब से नए अंचलाधिकारी (सीओ) आकाश कुमार ने पदभार संभाला है, तब से म्यूटेशन की प्रक्रिया और भी जटिल बना दी गई है।


प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी लगाए जा रहे आपत्ति


आम तौर पर म्यूटेशन की प्रक्रिया इस प्रकार होती है—


कर्मचारी द्वारा रिपोर्ट तैयार करना,


आर.ओ. की रिपोर्ट 

आम-खास सूचना जारी करना और 15 दि पहले सूचना जारी करना।

समयावधि समाप्त होने के बाद म्यूटेशन कर रजिस्टर-2 में अपडेट करना और करेक्शन स्लिप जनरेट करना।

लेकिन हालात यह हैं कि सभी औपचारिकताएँ पूरी होने और नोटिस अवधि समाप्त हो जाने के बाद भी सीओ द्वारा दर्जनों मामलों में अचानक आपत्ति (ऑब्जेक्शन) लगा दी जा रही है।सासाराम अंचल के तेतरी मौजा में पहले जारी आम-खास नोटिस का समय पूरा होने के बावजूद नए सीओ द्वारा कई केसों में मनमाने ढंग से ऑब्जेक्शन लगा दिया गया। इससे पहले के सीओ के समय ऐसे केस बिना बाधा निपट जाते थे।

ग्रामीणों का कहना है कि जब से नए सीओ आए हैं, बिना पैसे और दलालों के माध्यम से काम कराना मुश्किल हो गया है।कर्मचारियों से संपर्क करने पर लोग सीओ के पास भेज दिए जाते हैं।सीओ से मिलने पर वे फिर से कर्मचारियों के पास भेज देते हैं। बीच में दलालों के जरिए ही काम कराने का दबाव बनाया जा रहा है।ग्रामीणों का आरोप है कि इस तरह की प्रक्रिया से केवल अवैध वसूली को बढ़ावा दिया जा रहा हं।

इस पूरे मामले पर जब सासाराम अंचलाधिकारी आकाश कुमार रौनियार से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा— “मैं अपने मर्जी से काम करूंगा और अपने हिसाब से काम करूंगा।

अंचल कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने खुलकर कहा कि सीओ की कार्यशैली से वे बेहद परेशान हैं। चुनाव नजदीक होने के बावजूद सदर अंचल सासाराम जैसे महत्वपूर्ण कार्यालय की यह स्थिति है तो अन्य 19 अंचलों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

स्थानीय लोग जिला प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि नए सीओ की कार्यशैली की जांच कराई जाए और म्यूटेशन मामलों में हो रही मनमानी पर तुरंत रोक लगे। आम जनता की आवाज उठाने वाले लोग यह भी कह रहे हैं कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो जनता का आक्रोश खुलकर सामने आएगा।

रिपोर्टर

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